Saturday, November 1, 2025

राष्ट्रीय एकता दिवस / GMSSSS BIANA (KARNAL)

अध्यापकों व विद्यार्थियों ने मिलकर रन फॉर यूनिटी में लिया हिस्सा

सरदार पटेल की जयंती पर ब्याना के राजकीय स्कूल ने दिया एकता का संदेश


इन्द्री, 31 अक्तूबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में देश के पहले उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व सूचना मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान अध्यापकों व विद्यार्थियों ने रन फॉर यूनिटी में हिस्सा लिया और एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और मुख्य वक्ता के रूप में हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व राजनीति विज्ञान प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्राध्यापक संजीव कुमार, स्वर्णजीत शर्मा, निशा कांबोज, रमन बग्गा, बलिन्द्र कुमार, अश्वनी कांबोज, सोमपाल, मीना ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई।
प्रधानाचार्य राम कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए अथक मेहनत की और 565 के करीब देशी रियासतों को देश का हिस्सा बनाया। अरुण कैहरबा ने कहा कि आज के दिन को एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। एकता के लिए हम सभी को जात, धर्म, क्षेत्र, भाषा आदि संकीर्णताओं को त्याग कर मिलजुल कर काम करना होगा। बलविन्द्र सिंह ने वल्लभभाई पटेल के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पटेल देश को जिस एकता का पाठ पढ़ाया, उस एकता को बनाए रखने में इंदिरा गांधी का बड़ा योगदान रहा है। कार्यक्रम के दौरान सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों ने एकता के लिए दौड़ में मिलजुल कर दौड़ लगाई। 
DAINIK TRIBUNE 1-11-2025




Saturday, October 18, 2025

INCLUSIVE EDUCATION AWARENESS PROGRAM INDRI DAY-2

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व योजनाओं पर हुई गहन मंत्रणा

समावेशी शिक्षा का माहौल बनाने के संकल्प के साथ दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

इन्द्री, 18 अक्तूबर
स्थानीय पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थित समावेशी शिक्षा केन्द्र में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय समावेशी शिक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा, सरकार की योजनाओं, शिक्षा बोर्ड द्वारा मिलने वाली सुविधाओं तथा सामान्य अध्यापकों व पुनर्वास कर्मियों की भूमिका को लेकर गहन मंत्रणा की गई और अपने स्कूलों में समावेशी शिक्षा का माहौल बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीआरसी (समावेशी शिक्षा) वंदना चावला ने की। कार्यक्रम का संयोजन विशेष अध्यापक अमित कुमार तथा संचालन विशेष अध्यापक प्रदीप कुमार ने किया। समावेशी शिक्षा विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, डॉ. राजेश कुमार, प्रदीप कुमार व महिन्द्र कुमार ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। समापन समारोह में धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य शशीभूषण शर्मा ने किया।

कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरूआत विशेष अध्यापक प्रदीप कुमार ने विभिन्न योजनाओं व बोर्ड के द्वारा दिव्यांग बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं से की। दूसरे सत्र में अरुण कुमार कैहरबा ने समावेशी शिक्षा में सामान्य शिक्षकों की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समावेशी शिक्षा में सामाजिक, सांस्कृतिक, शारीरिक, भावनात्मक व भाषाई भिन्नताओं के बावजूद सभी बच्चों को समान अवसर प्रदान किए जाते हैं। अध्यापक शिक्षा प्रक्रिया का केन्द्रीय किरदार है। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति सही एवं सकारात्मक शब्दावली के प्रयोग का माहौल विकसित करने का आह्वान किया। महिन्द्र कुमार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ किए गए अपने कामों के अनुभव सांझा करते हुए कहा कि बहुत से बच्चे बेहद विपरीत हालातों में रह रहे हैं। अध्यापकों की संवेदनशीलता व सहयोग की भावना बच्चों को आगे बढऩे में सहायक हो सकती है। डॉ. राजेश कुमार ने भिवानी में एक अध्यापक के दिव्यांग विद्यार्थी को आगे बढ़ाने के प्रयासों की प्रेरक कहानी सुनाते हुए अध्यापकों को प्रोत्साहित किया। शशीभूषण शर्मा ने आए सभी अध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी अध्यापकों को मिलजुल कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर जसविन्द्र पटहेड़ा, नरेश मीत, आकाश, अनिल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, सूरजभान, जय कुमार, सूरज सिंह, नीलम, सीमा, बीना, शीला, पिंकी, सोनिया, बलजीत, महेश कुमार, सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।





Friday, October 17, 2025

INCLUSIVE EDUCATION AWARENESS PROGRAM AT INDRI DAY-1

समान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए व्यापक जागरूकता की जरूरत: चावला

दो दिवसीय समावेशी शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरूआत

इन्द्री, 17 अक्तूबर  
स्थानीय पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थित समावेशी शिक्षा केन्द्र में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में दो दिवसीय समावेशी शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ बीआरसी वंदना चावला ने किया। कार्यक्रम का संयोजन विशेष अध्यापक अमित कुमार व प्रदीप कुमार कर रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन समावेशी शिक्षा विशेषज्ञ के रूप में प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, डॉ. राजेश कुमार व प्रदीप कुमार ने स्रोत व्यक्ति के रूप में विचार सांझा किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्यापक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक और एसएमसी सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।

वंदना चावला ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा प्रदान करने के लिए व्यापक जागरूकता की जरूरत है। समावेशी शिक्षा केन्द्र और उस पर तैनात विशेष शिक्षक निरंतर ऐसा माहौल बनाने में लगे हुए हैं, ताकि किसी भी बच्चे को बोझ ना माना जाए। विशेष अध्यापक प्रदीप कुमार ने आरपी डब्लूडी एक्ट-2016 के अनुसार 21 प्रकार की निशक्तताओं का विस्तृत परिचय दिया। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने समावेशी शिक्षा की अवधारणा, उसकी महत्ता और प्रकार विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समावेशी शिक्षा भेदभावमुक्त, समता, स्वतंत्रता, न्याय व लोकतंत्र आदि मूल्यों पर आधारित शिक्षा है। सभी बच्चों की स्कूल में पहुंच, समान अवसर व भागीदारी के लिए व्यक्तिगत भिन्नताओं और निशक्तताओं के बारे में समाज में सकारात्मक धारणा का विकास करना जरूरी है। डॉ. राजेश कुमार ने निशक्तता की शीघ्र पहचान विषय पर विचार रखते हुए कहा कि जन्मपूर्व, जन्म के दौरान व जन्म के बाद निशक्तता की पहचान में आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर व स्कूल में आने के बाद अध्यापकों की अहम भूमिका होती है। इस मौके पर प्रधानाचार्य शशीभूषण शर्मा, डॉ. जसविन्द्र पटहेड़ा, नरेश मीत, महिन्द्र कुमार, आकाश, अनिल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मुकेश, सूरजभान, जय कुमार, सूरज सिंह, नीलम, सीमा, बीना, शीला, पिंकी, सोनिया मान, बलजीत, महेश कुमार आदि उपस्थित रहे।





BUS SERVICE FOR STUDENTS IN SARKARI SCHOOL OF BIANA

 ब्याना के मॉडल संस्कृति स्कूल के बच्चों के लिए तीन बसें शुरू

बीईओ धर्मपाल चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

कईं गांव के बच्चों को मिलेगा लाभ

इन्द्री, 13 अक्तूबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यार्थियों को अपने गांव से स्कूल में आने-जाने के लिए बस सेवा शुरू हो गई। खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने हरी झंडी दिखा कर स्कूल के विद्यार्थियों के लिए तीन रूटों के लिए तीन बसों का शुभारंभ किया। बच्चों ने नारे लगाकर बस शुरू होने के प्रति खुशी व्यक्त की और अधिकारियों व अध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की।
खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कहा कि सरकार की योजना के तहत ब्याना के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए तीन बसों की शुरूआत की गई है। यह बस सेवा विद्यार्थियों के लिए पूर्णत: मुफ्त रहेगी। अलग-अलग रूटों पर तीन बसें चलने से बच्चे सुरक्षित रूप से अपने घर से स्कूल आ सकेंगे और स्कूल से घर जा सकेंगे। अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता कम होगी। इससे अभिभावकों का अपने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का खर्च भी बचेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से बस में आते जाते समय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य राम कुमार ने बताया कि बस सेवा से स्कूल में कमालपुर गडरियान, नगली, न्यू हलवाना, रंदौली, गढ़ीबीरबल, लबकरी, मुसेपुर, समसपुर, कलसौरा, बीबीपुर ब्राह्मणान, बदरपुर, हलवाना, चांदसमंद, शाहपुर सहित अनेक गांवों से आने वाले सभी बच्चों को सुविधा होगी।
बीईओ धर्मपाल चौधरी, प्रधानाचार्य राम कुमार व प्राध्यापक अरुण कैहरबा ने शुभारंभ स्थल से लेकर गांव के बाहर तक विद्यार्थियों के साथ यात्रा की और विद्यार्थियों को बस सेवा की शुभकामनाएं दी। इस मौके पर बीआरपी धर्मेन्द्र चौधरी, प्राध्यापक डॉ. सुभाष भारती, विनोद भारतीय, राजेश सैनी, अनिल पाल, बलराज कांबोज, नरिन्द्र कुमार, एबीआरसी सुखविन्द्र कांबोज, रमन बगा, नरेश मीत, अश्वनी कांबोज, बलिन्द्र कुमार, सोमपाल, बृजभूषण, स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य, अभिभावक सोनी, समाजसेवी महेन्द्र गोयल सहित ग्रामीण मौजूद रहे।



Monday, September 29, 2025

HARYANA LEGISLATIVE ASSEMBLY SECRETARY RAJIV PRASAD WELCOMED IN KARNAL

 शहीद भगत सिंह की तरह जिज्ञासा का भाव अपनाएं युवा: राजीव प्रसाद 

कहा: सफलता के लिए निरंतर मेहनत करें विद्यार्थी

विभिन्न संस्थाओं ने विधानसभा सचिव का किया अभिनंदन

करनाल, 29 सितंबर

करनाल के पंचायत भवन में विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद का अभिनंदन समारोह सर्व समाज की विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचने पर हरियाणा विधानसभा सचिव का पुष्पगुच्छ व फूलों की माला के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश कुमार स्टौंडी ने की और संचालन हिन्दी अध्यापक नरेश मीत ने किया। कार्यक्रम का संयोजन राज किशन, बलविन्द्र सिंह, मनोज कुमार शामगढ़ व सुरेन्द्र कुमार ने किया।


विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद ने जिला भर से आए विद्यार्थियों व युवाओं को सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने का संदेश देते हुए कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह की तरह सभी में जिज्ञासा का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए भगत सिंह ने किताबों की मांग की। फांसी दिए जाने से पहले तक वे किताब पढ़ रहे थे। यह उनकी सीखने की लगन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विद्या ही ऐसी चीज है, जिसे हमसे कोई छीन नहीं सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यदि प्रतिदिन 40 पृष्ठ पढऩे की आदत डाल लें तो उन्हें आगे बढऩे से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को एक मनुष्य नहीं बदल सकता। लेकिन हम खुद को बदल कर सामाजिक बदलाव की नींव डाल सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अभिभावक जितना प्रत्यंचा खींचेंगे, बच्चे बाण की तरह से उतनी ही दूरी तक जाएंगे। राजीव प्रसाद ने अपनी शिक्षा व सफलता का श्रेय अपने पिता व न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद जी को दिया, जिन्होंने हमेशा ही बच्चों की प्रगति पर नजर रखी और मार्गदर्शन किया। उनके संबोधन के बाद युवाओं ने उनसे सवाल किए, जिनका उन्होंने समय लगाकर जवाब दिया।  


कार्यक्रम में राजकिशन, प्राध्यापक अरुण कैहरबा, राजेश कुमार, राम मेहर, सोनिका गिल, अमित कुमार, महेन्द्र कुमार विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा की अहमियत पर बोलते हुए मुख्य अतिथि राजीव प्रसाद का स्वागत किया। इस मौके पूर्व एमसी बलबीर सिंह, प्रधानाचार्य सुरेश सैनी, अश्वनी कांबोज, सुरेश नगली, सूरज बिड़लान, श्याम सुंदर, राजेश वैद्य, रणधीर गिल, अजय कुमार, शम्मी कुमार उपस्थित रहे।


Saturday, September 27, 2025

VISIT OF HISTORICAL NABIYABD GURUDWARA & YAMUNA RIVER / GMSSSS BIANA

स्वयंसेवियों ने यमुना किनारे चलाया सफाई अभियान

ब्याना स्कूल के विद्यार्थियों ने की नबियाबाद के एतिहासिक गुरुद्वारे की यात्रा

इन्द्री, 27 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत जिला करनाल के गांव नबियाबाद में दशमेश प्रकाश गुरुद्वारा एवं यमुना नदी का भ्रमण किया। एनएसएस प्रभारी व हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी, गणित प्राध्यापक सतीश राणा, ब्यूटी एंड वेलनेस अनुदेशिका निशा कांबोज, पंजाबी प्राध्यापिका स्वर्णजीत शर्मा, कृषि अनुदेशक निर्मलजीत सिंह, शारीरिक शिक्षा अनुदेशक रमन  बग्गा की अगुवाई में विद्यार्थियों ने गुरुद्वारा साहिब के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। एनएसएस स्वयंसेवियों व विद्यार्थियों ने यमुना किनारे सफाई अभियान चलाया और यमुना के किनारे लोगों द्वारा डाले गए प्लास्टिक के गिलास, कप, पॉलिथीन व बोतलें एकत्रित की।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने अध्यापकों व स्वयंसेवियों के दल को रवाना करते हुए उन्हें अपने आस-पास के स्थानों के इतिहास के प्रति सजग बनने की अपील की। गुरुद्वारा साहिब में पहुंचने पर अरुण कुमार कैहरबा ने बताया कि 1984 में संत बाबा जगदीश सिंह ने गुरुद्वारे की स्थापना की थी। जब भी यमुना में बाढ़ आती है, गुरुद्वारे में प्रशासन के द्वारा राहत शिविर बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी का आस-पास के क्षेत्र को सिंचित करने और भूमि की उर्वरता को बनाए रखने में बड़ा योगदान रहता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा रेखा के रूप में नदी काम करती है। लोगों द्वारा यमुना व नदियों को दूषित करना पर्यावरण व जन जीवन की दृष्टि से कतई उचित नहीं है। निर्मलजीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे ने यमुना क्षेत्र में शिक्षा की ज्योत जलाने में भी मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने गुरुद्वारे के स्कूल से दसवीं कक्षा तक की शिक्षा ग्रहण करने के अपने अनुभवों पर प्रकाश डालते हुए गुरुद्वारे के संस्थापक संत बाबा जगदीश सिंह के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला। स्वर्णजीत व निशा कांबोज ने गुरु ग्रंथ साहब पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ग्रंथ में गुरु नानक, संत कबीर, संत रैदास, बाबा फरीद सहित अनेक कवियों की वाणी को संकलित किया गया है। सतीश राणा, राजेश सैनी व रमन बग्गा कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों को अपने आसपास के स्थानों की ऐतिहासिकता को समझने में निरंतर पथ प्रदर्शन करेगी।
गुरुद्वारा साहिब में विद्यार्थियों ने चाय व बिस्कुट का प्रसाद ग्रहण किया। महक, जैसमीन, रीतिका, रूबी, सृष्टि, ज्योति, भूमिका, हिमांशी, कृतिका, तनिशा, हर्षिका, राशी, रीति, तनिका, रीतू, शिवानी, पूर्वी, माही आदि विद्यार्थियों ने कहा कि हमारा गांव नबियाबाद से ज्यादा दूर नहीं है। लेकिन अध्यापकों के मार्गदर्शन में स्कूल की तरफ से यात्रा में आना और सीखना जीवन भर याद रहेगा।