ज्ञान की रोशनी फैलाता है शिक्षक: राम कुमार
धूमधाम से मनाया अध्यापक दिवस
विद्यार्थियों ने निभाई अध्यापकों की भूमिका
अध्यापक दिवस समारोह को संबोधित करते हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा।

इन्द्री, 5 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सावित्रीबाई फुले सदन के नेतृत्व में अध्यापक दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने स्कूल का संचालन किया और अध्यापकों की भूमिका निभाते हुए शिक्षण कार्य किया। स्टाफ सदस्यों की तरफ से पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए जलेबी सहित दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह ने किया। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, संजीव कुमार, नरेश मीत ने अध्यापक की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। समाजसेवी महेन्द्र गोयल ने सभी अध्यापकों को सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि अध्यापक का जीवन विद्यार्थियों व शिक्षा के लिए समर्पित होता है। अध्यापक अपने ज्ञान के जरिये समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाने का काम करता है। अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि अध्यापक का पेशा समाज व देश के विकास में केन्द्रीय भूमिका निभाता है। डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक सहित सभी कार्यों व पेशेवरों का जन्म अध्यापक के द्वारा होता है। बलविन्द्र सिंह ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भले ही हमारे सभी कार्य आसान हो गए हैं, लेकिन एआई अध्यापक का स्थान नहीं ले सकती है। नरेश मीत ने कहा कि अध्यापक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसकी डांट भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए होती है। संजीव कुमार ने अध्यापकों को समर्पित गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
अध्यापकों की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों के साथ हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा।
दसवीं बी कक्षा में जैसमीन, महक, रूबी, रीतिका, अनित पाल, ज्योति, अरमी, साहिबा ने अध्यापकों की भूमिका में शिक्षण कार्य करने के साथ ही गीत, कविता, प्रश्रोत्तरी, भाषण प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस मौके पर प्राध्यापक राजेश सैनी, सतीश राणा, संदीप कुमार, विनोद भारतीय, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, गोपाल दास, अश्वनी भाटिया, दिनेश कुमार, नरेश मीत, मोनिका, स्वर्णजीत, निशा कांबोज, निर्मल सिंह, अश्वनी कांबोज, विनीत सैनी, सोमपाल, स्नेहलता, जितेन्द्र, सुरेन्द्र, गोपाल व कविता मौजूद रहे।
