अभिव्यक्ति ABHIVYAKTI
शिक्षा और संस्कृति का मंच
Saturday, September 19, 2026
भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता / GMSSSS BIANA
भाषण व चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
Monday, September 14, 2026
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ब्याना में हिन्दी दिवस
तेजस्वी ने निबंध लेखन व मन्नत ने नारा लेखन में पाया प्रथम स्थान
हिन्दी दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं दिए पुरस्कार
Tuesday, September 8, 2026
LITERACY DAY CELEBRATED IN GMSSSS BIANA (KARNAL)
साक्षरता की पूंजी से समृद्ध होता समाज: राम कुमार
स्वैच्छिक भावना पर आधारित है साक्षरता कार्यक्रम: अरुण
अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर नव साक्षरों व स्वयंसेवी शिक्षकों को किया सम्मानित
इन्द्री, 8 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नव साक्षरों को प्रमाण-पत्र एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की एवं संचालन उल्लास कार्यक्रम के स्कूल प्रभारी एवं हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम का संयोजन उल्लास कार्यक्रम के पर्येक्षक नरेश कुमार मीत व विजय कुमार ने किया।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि शिक्षा एवं साक्षरता ऐसी पूंजी है, जिससे कोई भी व्यक्ति एवं समाज आगे बढ़ता है। जो व्यक्ति साक्षरता व शिक्षा से किन्हीं कारणों से वंचित रह गए हैं, उन्हें साक्षर बनाना सबसे बड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कार्य करने का मौका मिल रहा है। यह विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक नया अवसर है। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि वर्ष 2022 में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसे आम तौर पर उल्लास के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम स्वैच्छिक भावना पर आधारित है। स्वैच्छिक भावना मन में आने पर हम साक्षरता में अपनी जिम्मेदारी को पहचानते हैं और अपने परिवार व आस-पास के लोगों को साक्षर बनाने का जिम्मा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में बच्चे अपने बड़ों के नजदीक आते हैं और उन्हें पढऩा-लिखना सिखाते हुए भी कईं बातें सीखते हैं। इस तरह से सीखने-सिखाने का सिलसिला आगे बढ़ता है।
पर्यवेक्षक नरेश मीत व विजय कुमार ने बताया कि इस समय नए निरक्षर लोगों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। विद्यार्थी अपने आसपास के निरक्षर लोगों को पढ़ाने का जिम्मा लें। जो नए व्यक्ति पढऩा सीखे हैं, वे अपने आसपास के निरक्षरों का पंजीकरण करवाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि उल्लास की आगामी परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित की जाएगी। पढऩा लिखना सीख रहे व्यस्कों ने स्वयंसेवी शिक्षकों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह, विनीत सैनी, सोमपाल, अनित पाल, मुस्कान, माही, अखिल सहित स्वयंसेवी शिक्षक व नव साक्षर मौजूद रहे।
Saturday, September 5, 2026
TEACHER DAY CELEBRATED IN GMSSSS BIANA
ज्ञान की रोशनी फैलाता है शिक्षक: राम कुमार
धूमधाम से मनाया अध्यापक दिवस
विद्यार्थियों ने निभाई अध्यापकों की भूमिका
अध्यापक दिवस समारोह को संबोधित करते हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा।

इन्द्री, 5 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सावित्रीबाई फुले सदन के नेतृत्व में अध्यापक दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने स्कूल का संचालन किया और अध्यापकों की भूमिका निभाते हुए शिक्षण कार्य किया। स्टाफ सदस्यों की तरफ से पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए जलेबी सहित दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह ने किया। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, संजीव कुमार, नरेश मीत ने अध्यापक की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। समाजसेवी महेन्द्र गोयल ने सभी अध्यापकों को सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि अध्यापक का जीवन विद्यार्थियों व शिक्षा के लिए समर्पित होता है। अध्यापक अपने ज्ञान के जरिये समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाने का काम करता है। अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि अध्यापक का पेशा समाज व देश के विकास में केन्द्रीय भूमिका निभाता है। डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक सहित सभी कार्यों व पेशेवरों का जन्म अध्यापक के द्वारा होता है। बलविन्द्र सिंह ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भले ही हमारे सभी कार्य आसान हो गए हैं, लेकिन एआई अध्यापक का स्थान नहीं ले सकती है। नरेश मीत ने कहा कि अध्यापक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसकी डांट भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए होती है। संजीव कुमार ने अध्यापकों को समर्पित गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
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| अध्यापकों की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों के साथ हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा। |
दसवीं बी कक्षा में जैसमीन, महक, रूबी, रीतिका, अनित पाल, ज्योति, अरमी, साहिबा ने अध्यापकों की भूमिका में शिक्षण कार्य करने के साथ ही गीत, कविता, प्रश्रोत्तरी, भाषण प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस मौके पर प्राध्यापक राजेश सैनी, सतीश राणा, संदीप कुमार, विनोद भारतीय, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, गोपाल दास, अश्वनी भाटिया, दिनेश कुमार, नरेश मीत, मोनिका, स्वर्णजीत, निशा कांबोज, निर्मल सिंह, अश्वनी कांबोज, विनीत सैनी, सोमपाल, स्नेहलता, जितेन्द्र, सुरेन्द्र, गोपाल व कविता मौजूद रहे।
















































