डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिन मनाया
मिसाइल मैन की आत्मकथा और एनसीईआरटी की वीडियो-कलाम की परवाज़ दिखाई
सोनाक्षी, ईशा, वेदिका, स्वाति व सुखमन को किया सम्मानित
इन्द्री, 15 अक्तूबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भारत के मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। विद्यार्थियों को डिजीटल बोर्ड के माध्यम से गुलज़ार द्वारा सुनाई गई मिसाइल मैन की आत्मकथा सुनाई सुनाई गई। इसके अलावा एनसीईआरटी की वीडियो-कलाम की परवाज़ दिखाई गई। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम के दौरान सोनाक्षी, ईशा, वेदिका, स्वाति व सुखमन ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हमारे देश ही नहीं दुनिया के महान वैज्ञानिक हैं। उनकी मेहनत, लगन और फर्श से अर्श तक पहुंचने की संघर्ष गाथा सबके लिए प्रेरक है। उन्होंने वर्षों तक इसरो और डीआरडीओ में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। भारत में प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी व मिसाइलों के विकास, परमाणु शक्ति संपन्न बनाने के लिए अथक मेहनत की। बचपन में ही उन्होंने आसमान में उड़ते हुए परिंदों को देखकर उड़ान भरने का सपना देखा था। उनका जीवन उस सपने को साकार करने की कहानी है।
समापन समारोह में प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रात के स्थान पर दिन में ऐसे सपने देखने पर जोर देते हैं, जो हमें पूरे होने तक सोने नहीं देते। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और एपीजे अब्दुल कलाम भारत के ऐसे नेता हैं, जो बच्चों से बहुत स्नेह करते थे। कलाम ने विभिन्न संस्थानों में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जो बातें कहीं हैं, वे जरूर सुननी व पढऩी चाहिएं। इस मौके पर प्राध्यापक सतीश राणा, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, गोपाल दास, मुकेश कुमार, नरेश मीत व अश्वनी कांबोज उपस्थित रहे।
























































