Tuesday, February 10, 2026

6TH AMBALA LITRARY CONCLAVE: REPORT

 छठे अंबाला साहित्य सम्मेलन में हुआ लेखकों का संगम

समीक्षकों ने देश-विदेश की विभिन्न भाषाओं की किताबों की समीक्षाएं प्रस्तुत की

 

अरुण कुमार कैहरबा

हरियाणा के अंबाला छावनी स्थित एसडी कॉलेज में हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के तत्वावधान में प्रो. वीर सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट द्वारा छठे अंबाला साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर के लेखक एक मंच पर एकत्रित हुए और देश-विदेश के लेखकों की पुस्तकों पर चर्चा की। सम्मेलन का उद्घाटन अंबाला छावनी के एसडीएम डॉ. विनेश कुमार ने किया। उन्होंने समारोह में ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा के काव्य-संग्रह ‘बहुवर्णी’ तथा यूनिक पब्लिशर्स कुरुक्षेत्र से प्रकाशित हुई हरियाणवी शायर कर्मचंद केसर की हरियाणवी गज़लों पर आधारित पुस्तक ‘गुल्लर के फूल’ का लोकार्पण किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा, उपाध्यक्ष डॉ. केएल सहगल, कोषाध्यक्ष डॉ. नीना मल्होत्रा, ट्रस्टी दीपक जैन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।


डॉ. विनय मल्होत्रा ने ट्रस्ट की गतिविधियों तथा सम्मेलन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवा और वरिष्ठ साहित्यकारों को एक मंच पर लाना और एक वर्ष के दौरान आने वाली किताबों पर चर्चा करते हुए उनका परिचय प्रस्तुत करना सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि युवा साहित्यकारों को इस तरह के कार्यक्रमों से सीखने और प्रेरणा लेने का मौका मिलता है। उन्होंने अपने नव प्रकाशित काव्य-संग्रह की एक कविता पढ़ कर सुनाई। 
https://www.youtube.com/watch?v=1gydOtKJtq8&t=18s
कर्मचंद केसर ने अपनी पुस्तक की गज़ल सुनाते हुए कहा-दीवा मनैं चसा राख्या सै। बाल तै कती बचा राख्या सै। घोलया विष हवा मैं हमनैं, इमरत जहर बणा राख्या सै। ट्रस्टी दीपक जैन ने मुख्य अतिथि को अंबाला छावनी के लघु सचिवालय में स्थापित केंद्रीय राजकीय पुस्तकालय में व्यवस्था संबंधी सुधार के बारे में सुझाव दिए। 

साहित्य सम्मेलन कुल चार सत्रों में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में जकार्ता (इंडोनेशिया) समेत विभिन्न स्थानों से आए 35 लेखकों की वर्ष 2025 में हिंदी, पंजाबी, पुआधी व अंग्रेज़ी भाषाओं में प्रकाशित उपन्यास, काव्य संग्रह, कहानी संग्रह, लघु कथा संग्रह, विदेश भ्रमण तथा संस्मरण, आत्मकथा, हरियाणवी गज़़लें, हरियाणवी महिलाओं की गौरव गाथा, भारतीय राजनीति, विचारधारा, भारतीय कूटनीति व इतिहास के विषयों एवं विभिन्न विधाओं पर आधारित पुस्तकों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में जकार्ता (इंडोनेशिया) की सोनिया ओबराय, चंडीगढ़ की कुदरत खोसला, करनाल के डॉ. अशोक भाटिया, अरुण कुमार कैहरबा, राधेश्याम भारतीय, डॉ. ज्ञानी देवी, रोजलीन, नारायणगढ़ के डॉ. जगदीप सिंह, सोनीपत की गीता सैनी, कमलेश मलिक एवं अशोक बैरागी, पलवल के कुमार दत्त कुमर, पंजाब के पटियाला से सुशील कुमार आज़ाद, यमुनानगर के डॉ. दुर्गा प्रसाद, अंबाला के जयपाल, डॉ. बलवान सिंह, प्रदीप शर्मा, डॉ. अनुपम आर्य, डॉ. भारती बंधु, जयपाल, डॉ. नीना मल्होत्रा, ओम बनमाली, बलराज सैनी आदि लेखकों की पुस्तकों पर चर्चा हुई।


हिसार के लेखक अशोक गर्ग, मनोज छाबड़ा व राज कुमार जांगड़ा द्वारा 41 महिला सफाई कर्मचारियों के जीवन अनुभवों पर आधारित पुस्तक- जहर जो हमने पीया पर अरुण कुमार कैहरबा ने चर्चा की। डॉ. अशोक भाटिया द्वारा संपादित किताब कथा-समय दस्तावेजी लघुकथाएँ खंड-2 की पर राधेश्याम भारतीय ने चर्चा की। जयपाल के काव्य-संग्रह बंद दरवाजे पर डॉ. अशोक भाटिया ने चर्चा की। अरुण कैहरबा के काव्य-संग्रह- सुबह का इंतजार पर जयपाल ने समीक्षा प्रस्तुत की। पानीपत के एसपी बंसल की आत्मकथा- मुसाफिर ना थका, ना हारा पर दिनेश कुमार ने चर्चा की।

सम्मेलन के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देशबंधु ने सभी लेखकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें ट्रस्ट की ओर से स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रतन सिंह ढि़ल्लो ने अपने विचार व्यक्त किए। कॉन्क्लेव के दौरान यूनिक पब्लिशर्स कुरुक्षेत्र के प्रबंधक डॉ. विकास साल्याण द्वारा अपनी किताबों की प्रदर्शनी आयोजित की गई।

एआई पुस्तकों का विकल्प नहीं बन सकती: डॉ. विनेश कुमार

https://www.youtube.com/watch?v=h4tndOAVTRo&t=2s

छठे अंबाला लिटरेरी कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में अंबाला शहर के एस.डी.एम. डॉ. विनेश कुमार ने कहा कि ए.आई. कभी पुस्तकों का विकल्प नहीं बन सकती, क्योंकि जैसी कल्पनाशीलता मानव के दिमाग में है, वैसी एआई जनरेट नहीं हो सकती। चाहे कविता, कहानी, गज़़ल या उपन्यास हो — एक लेखक ही लिख सकता है, एआई नहीं। एआई केवल पहले से उपलब्ध डाटा को री-जेनरेट करती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थी होने के बावजूद लोक प्रशासन व राजनीति विज्ञान में उनकी रूचि है। अपने जीवन की 26 साल की शिक्षा में उन्हें भारतीय संविधान और उनके मूल्यों ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए समाज बच्चों को सामाजिक न्याय व समता आदि के बारे में समझा नहीं पा रहा है। सोशल मीडिया पे लोग आपस में एक दूसरे के लिंग, जाति, वंश, धर्म, सम्प्रदाय, क्षेत्र व बोली-भाषा आदि के आधार पर नीचा दिखाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से समझ पैदा नहीं होगी। समझ पैदा होगी किताबें पढऩे से। लेकिन आज की पीढ़ी सोशल मीडिया पर आई सब चीजों को सत्य मान कर चल रही है। डॉ. विनेश ने कहा कि उस सोशल मीडिया का कोई फायदा नहीं जो हमें असामाजिक बना दे। उन्होंने कहा कि लिटरेरी कॉन्क्लेव के माध्यम से सोशल मीडिया के जमाने में किताबें पढऩा, किताबें रखना और लोगों को को प्रेरित करना बहुत बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों को ये समझाना पड़ेगा कि जो चीजें पुस्तकालय में उपलब्ध हंै वो इंटरनेट पे उपलब्ध नहीं हो सकती। 

-अरुण कुमार कैहरबा

हिन्दी प्राध्यापक व लेखक

वार्ड नं.-4, रामलीला मैदान, इन्द्री,

जिला-करनाल, हरियाणा

मो.नं.-9466220145

Sunday, February 1, 2026

DIVISION LEVEL YUVA GRAM PANCHAYAT IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

मंडल स्तरीय युवा ग्राम पंचायत                                   

 उठाए महिला समानता व सशक्तिकरण के मुद्दे              

लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभ्यास का मंच बनी युवा ग्राम पंचायतें


अरुण कुमार कैहरबा

ग्राम स्तर पर ग्राम सभा व ग्राम पंचायत लोकतंत्र के आधार स्तंभ की भूमिका निभाते हैं। 1992 में संविधान के 73वें संविधान संशोधन के अनुसार ग्राम सभा व ग्राम पंचायत की भूमिका को सशक्त बनाने का प्रावधान किया गया था। वास्तविकता की बात करें तो गांवों में ग्राम सभा की बैठकें वैसे नहीं होती हैं, जिसकी कल्पना व योजना संविधान में बनाई गई। एनसीईआरटी नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशभर में स्कूली स्तर पर आयोजित होने वाली युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिताएं जागरूकता का एक सशक्त माध्यम बन गई हैं, जिनके माध्यम से भावी नागरिकों को इन संस्थाओं की प्रक्रिया का पूरा अभ्यास करवाया जाता है। हरियाणा के जिला करनाल के गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंडल स्तर पर इसी तरह की युवा ग्राम पंचायत का आयोजन किया गया। प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह व अरुण कुमार कैहरबा के निर्देशन में आयोजित युवा ग्राम  पंचायत में विद्यार्थियों ने गांव की स्वच्छता, स्कूल शिक्षा, पर्यावरण, सामाजिक न्याय, महिला समानता व सशक्तिकरण और समाज सुधार के मुद्दे उठाए। कार्यक्रम में ग्राम विकास एवं पंचायत विभाग के सेवानिवृत्त महानिदेशक बीएस मलिक व लाजवीर सिंह ने विशेष रूप से शिरकत करके विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। उप जिला शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। एससीईआरटी गुरुग्राम की तरफ से युवा ग्राम पंचायत का मूल्यांकन कुरुक्षेत्र जिला की डाइट के वरिष्ठ प्राध्यापक विद्याधन शर्मा के नेतृत्व में विषय विशेषज्ञों की टीम ने किया। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह मंढ़ाण, डाइट शाहपुर से सुनीता राणा, डॉ. बृजेश वत्स, जिला परिषद सदस्य सचिन बुढऩपुर, गांव की सरपंच अंजू रानी, प्रतिनिधि विपिन पोटिया, पंचायत सदस्य मान सिंह सैनी, कुलविन्द्र सैनी, एसएमसी प्रधान सोनिया व अनु कांबोज सहित अनेक ग्रामीणों ने युवा ग्राम पंचायत की पूरी प्रक्रिया को देखा और विद्यार्थियों के अभिनय की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और मंच संचालन अरुण कुमार ने किया।



विक्रेन्द्रीकरण से स्थानीय निकाय होंगे मजबूत: बीएस मलिक

सेवानिवृत्त आईएएस बीएस मलिक ने कहा कि विकेन्द्रीकरण के बिना स्थानीय निकाय मजबूत नहीं हो पाएंगे। उत्तरी भारत विशेष रूप से हरियाणा में ग्राम सभाओं व ग्राम पंचायत को मजबूत बनाने की जरूरत है। स्थानीय निकाय को मजबूत बनाने के लिए उन्हें वित्तीय शक्तियां मिलनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता का निरंतर ह्रास होता जा रहा है। मानवता का पहलु कमजोर हो रहा है। इससे समाज में विकृतियां बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कवि दुष्यंत कुमार की गज़ल की एक पंक्ति- इस शहर में अब कोई बारात हो या वारदात, अब किसी भी बात पर खुलती नहीं हैं खिड़कियाँ-सुनाते हुए कहा कि किसी के सुख व दुख से लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक हम बाहर हो रही घटनाओं के प्रति सचेत नहीं होंगे। अच्छाई के पक्ष में और बुराई के विरोध में अपनी प्रतिक्रिया नहीं देंगे, तो असंवेदनशीलता समाज में बढ़ती जाएगी। इसके लिए भाषण से अधिक खुद से शुरूआत करनी पड़ेगी। उन्होंने गीत की पंक्तियां सुनाते हुए खुद को तो बदल, खुद को तो बदल, बदलेगा जमाना बदलेगा, अगर शौक में तेरे जोश रहा तो ताना-बाना बदलेगा बदलाव का आह्वान किया।

सकारात्मक ग्राम सभाएं ग्राम पंचायत के माध्यम से कर सकती हैं विकास: लाजवीर सिंह

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी लाजवीर सिंह ने युवा ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि 1992 में हुए 73वें संविधान संशोधन के अनुसार संविधान की धारा-243 में नए बिंदू जोड़े गए थे, जिसमें ग्राम सभा और ग्राम पंचायत का प्रावधान किया गया था। ग्राम सभा यदि सकारात्मक होगी तो ग्राम पंचायत अच्छा कार्य कर सकेगी। ग्राम सभा पंचायत की गतिविधियों पर निगरानी रख सकती है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की महत्ता इसलिए है क्योंकि इसमें आम जन की सीधी भागीदारी है। यह भागीदारी जितनी सजग होगी, उतना ही गांव का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो कम से कम दो ग्राम सभाएं आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि युवा ग्राम पंचायत में सशक्त महिला सरपंच का संदेश दिया है। युवा ग्राम पंचायत में अधिकतर बड़ी भूमिकाएं छात्राओं ने निभाई हैं, जोकि महिलाओं की सशक्त भागीदारी की सुंदर मिसाल है। 

गांव से होगा देश मजबूत: धर्मपाल चौधरी

उप जिला शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कहा कि यदि सभी गांव मजबूत हो जाएं तो देश अपने आप मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने बहुत सुंदर ढ़ंग से ग्राम पंचायत का मंचन किया है। बच्चों ने अपने गांव की पंचायत पर भी बहुत ही सकारात्मक असर डाला है। गांव की सरपंच अंजू रानी व उनके पति विपिन पोटिया ने कहा कि युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ग्राम पंचायत पहले से ही कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत के सुंदर मंचन के लिए बधाई दी। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने आए अतिथियों का आभार-ज्ञापन किया।

यह रही ग्राम सभा व ग्राम पंचायत की प्रक्रिया-

युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों ने सरपंच, ग्राम सचिव, पंचायत सदस्यों, ग्रामीणों एवं अधिकारियों की भूमिका में शानदार अभिनय किया। कार्यक्रम की शुरूआत में सचिव, पंंच व सरपंचों के बीच ग्राम सभा के आयोजन का निर्णय होता है। चौकीदार गांव में ग्राम सभा की मुनानी करता है और मुख्य स्थानों पर सूचना का पर्चा चिपकाता है। ग्रामीण उससे मुनादी के बारे में पूछताछ करते हैं। इस दौरान बनाया गया गांव का दृश्य सभी का मन मोह लेता है। उसके बाद सरपंच की भूमिका निभा रही सिमरण व ग्राम सचिव जैसमीन के संयोजन में ग्राम सभा होती है। एक पंच पहले हुई ग्राम सभा के मुद्दे रखता है। ग्राम सचिव आय-व्यय और लेखा परीक्षण की रिपोर्ट रखती है तो एक व्यक्ति को छोड़ कर बाकी सभी उसका समर्थन करते हैं। ग्राम सभा में गांव की समस्याओं और लोगों की मांगों के बारे में तीखी नोंक-झोंक होती है। प्रधानाचार्या बनी प्रकृति, कृषि अधिकारी मनप्रीत, पशु चिकित्सक रीति, साइबर एक्सपर्ट श्वेता अपने विभागों की योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत करवाते हैं। सरपंच ग्रामीणों को मोबाइल का कम प्रयोग करने, कन्या भ्रूण हत्या न करने, दहेज ना लेने-ना देने, फसल अवशेष ना जलाने और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाती है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सचिव व सरपंच ग्राम पंचायत का एजेंडा तैयार करते हैं। चौकीदार बने मुनीष को पंचों को निमंत्रण के लिए भेजा जाता है। पंचों के आगमन के बाद ग्राम पंचायत का आयोजन होता है। 


इन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में किया अभिनय-

बीडीपीओ की भूमिका में लक्षिता, एसडीओ भूमिका, एसएचओ अभी, एएनएम शिखा, पंच संजना, बॉबी, अनित पाल, लविश, लविश शर्मा, जतिन पाल, रूद्र, हर्षित, समाज सेविका त्रिशा, मीडिया पर्सन मलकीत, नंबरदार ऋषभ, ग्रामवासी की भूमिका में नेहा, सानिया, साक्षी, शिवानी, रीतू, रूबी, ज्योति, अरमी, साहिबा, रीतिका, प्रियंका, नवनीत, रीतिका, मनीषा, आँचल, अनुष्का, माफी, मनिन्द्र, रीतू, स्नेहा, रिया, अतुल, हरदेव, कार्तिक, निशा, कामिनी सहित 50 विद्यार्थी अभिनय करते हैं। 


कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापक सतीश राणा, बलराज, राजेश सैनी, राजेश कुमार, विवेक शर्मा, मुकेश खंडवाल, गोपाल दास, अश्वनी कांबोज, नरेश मीत, सोमपाल, विनीत सैनी, निशा कांबोज, निर्मलजीत सिंह सहित स्टाफ सदस्यों ने योगदान किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य वीना गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार, प्राध्यापक कर्ण सिंह, डॉ. जय सिंह, एबीआरसी सुखविन्द्र कांबोज, सामाजिक कार्यकर्ता बलबीर सैनी, महिन्द्र गोयल व अनु कांबोज सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। 


 REPORT BY : ARUN KUMAR KAHARBA

M.NO.-9466220145


 








Saturday, January 3, 2026

SAHU JI MAHARAJ AKHADA INAUGURATED IN SATYABHOOMI KURUKSHETRA

 सत्यभूमि में साहू जी महाराज अखाड़ा की हुई शुरूआत

सावित्रीबाई फुले की जयंती पर स्वास्थ्य को लेकर नई पहल

बुद्धिजीवियों व शिक्षकों ने की जोर आजमाईश 

कुरुक्षेत्र, 3 जनवरी

गांव ईशरगढ़ स्थित सत्यभूमि में पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर साहू जी महाराज अखाड़े की शुरूआत की गई। देस हरियाणा के संपादक डॉ. सुभाष सैनी व अखाड़े के संयोजक जसबीर सिंह सहित पास-दूर से आए बुद्धिजीवियों और शिक्षकों ने अखाड़े की शुरूआत की। अखाड़े की शुरूआत पर आव्या और इशिका के बीच पहली जोर-आजमाईश हुई, जिसमें दोनों का मुकाबला बराबरी पर छूटा। सामाजिक कार्यकर्ता जस रंधावा ने अखाड़े की गतिविधियों के लिए प्रतिमाह 11सौ रूपये देने की घोषणा की, जिसका सभी ने सहर्ष स्वागत किया।


डॉ. सुभाष सैनी ने कहा कि अखाड़ा खेलों की लोक परंपरा का हिस्सा है। अखाड़ा एक पवित्र स्थान होता है, जहां पर सभी जूते आदि उतार कर प्रवेश करते हैं। अखाड़े में आने वाले समय में दंगल का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखना सबकी जिम्मेदारी है। शरीर को तंदरूस्त व स्वस्थ रखने के लिए अनेक प्रकार के ढ़ांचे बनाने पड़ते हैं। अखाड़ा उनमें से एक है। साहू जी महाराज कोल्हापुर के राजा होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अनेक कार्य किए। अपने कार्यकाल में उन्होंने अपने राज्य में अनेक अखाड़े खुलवाए थे। कोल्हापुर में आज भी वह अखाड़ा है, जिसमें पांच हजार लोग बैठ कर दंगल देख सकते हैं। 


संयोजक जसबीर सिंह ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर यह शुभ शुरूआत हो रही है। सावित्रीबाई फुले और साहू जी महाराज दोनों शख्सियतें सामाजिक संघर्षों से जुड़ी हुई हैं। जिनसे पूरा समाज प्रेरणा लेता है। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए अखाड़ा खोला गया है। अखाड़ा संघर्ष का एक स्थान है। अखाड़े के जरिये समाज को स्वास्थ्य की राह पर लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उत्तर प्रदेश से आए विकास कुमार ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किए। 

इस मौके पर तेलू राम, डॉ. सुनील थुआ, अरुण कुमार कैहरबा, डॉ. धर्मेन्द्र फुले, नरेश सैनी, तेजिन्द्र, परमजीत सिंह, तरसेम लाल, कपिल भारद्वाज, नरेश दहिया, गौरव, योगेश शर्मा, बीर सिंह, मनीष सिद्धू, शशी भूषण, विकास, विनोद चौहान, सुशील कुमार, भारत भूषण भारद्वाज सहित अनेक लोगों ने अखाड़े में कस्सी चलाई और मुगदर चलाकार जोर आजमाईश की।



Thursday, January 1, 2026

GMSSSS BIANA YUVA GRAM PANCHAYAT FIRST IN DISTRICT LEVEL

ब्याना के राजकीय स्कूल की युवा ग्राम पंचायत ने जिला स्तर पर पाया पहला स्थान

विद्यार्थियों ने पंचायत में स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा व महिला समानता के मुद्दे उठाए

साक्षी व नेहा को उत्कृष्ट अभिनेता चुना गया

इन्द्री, 1 जनवरी
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित युवा ग्राम पंचायत ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्कूल परिसर में राजनीति विज्ञान प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह व हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा के निर्देशन में विद्यार्थियों ने ग्राम सभा व ग्राम पंचायत को मंचित किया। विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली की प्रक्रिया को दर्शाते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सबकी शिक्षा, महिला समानता, सद्भाव व उन्नत खेती का संदेश दिया। कार्यक्रम में बीईओ धर्मपाल चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। डाइट शाहपुर से आए निर्णायक एवं अवलोकनकर्ता डॉ. बृजेश वत्स ने जिला के सभी खंडों में हुई प्रस्तुतियों के आधार पर खंड इन्द्री के ब्याना स्थित राजकीय मॉडल स्कूल को प्रथम घोषित किया और मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर देने का संदेश दिया। उन्होंने छात्रा साक्षी व नेहा को उत्कृष्ट विद्यार्थी घोषित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की। गांव की सरपंच अंजू रानी, पीएम श्री राजकीय स्कूल इन्द्री के प्रधानाचार्य डॉ. करनैल चंद बैंस, बदरपुर के राजकीय स्कूल प्रधानाचार्य अरुण शर्मा, प्राध्यापक डॉ. राजेश कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान सोनिया, स्वाति कांबोज, समाजसेवी अनु कांबोज सहित गांव के अनेक गणमान्य लोगों ने युवा ग्राम पंचायत देखकर सराहना की।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का पुष्पगुच्छ व फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। बीईओ धर्मपाल चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुति ने ग्राम विकास के लिए ग्राम सभा व पंचायत की भूमिका को इतने अच्छे ढ़ंग से दिखाया है कि ऐसी प्रस्तुति यदि पूरे जिला के पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष की जाए तो इससे बड़ा संदेश मिलेगा। परिणाम की घोषणा के बाद उन्होंने मंडल स्तर की प्रस्तुति के लिए विशेष तैयारी की योजना पर चर्चा की और सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।
निर्णायक डॉ. बृजेश वत्स ने प्रस्तुति का गहन विश£ेषण एवं समीक्षा प्रस्तुत की और एक-एक बिंदु को लेकर चर्चा की। जिला स्तरीय परिणाम की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि खंड इन्द्री के गांव ब्याना के स्कूल की टीम ने प्रथम, असंध खंड के राजकीय उच्च विद्यालय उपलानी ने दूसरा और घरौंडा खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोरा खेड़ी की टीम ने तृीसरा स्थान प्राप्त किया है। नियमानुसार मंडल स्तर पर जिला स्तर पर प्रथम आई टीम हिस्सा लेती है। इसलिए ब्याना स्कूल की टीम को आगामी सफलता के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा ग्राम पंचायत एनसीईआरटी का राष्ट्रीय कार्यक्रम है। 55 मिनट तक हुई युवा ग्राम पंचायत में 51 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों ने सरपंच, ग्राम सचिव, पंच, नंबरदार, अधिकारियों और सामान्य ग्रामिणों की भूमिका में शानदार अभिनय किया। मंच संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। 









THE TRIBUNE


Tuesday, December 30, 2025

PTM IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

अध्यापक अभिभावक मिलन समारोह आयोजित

विद्यार्थियों की प्रगति व व्यवहार पर हुई विस्तृत चर्चा

इन्द्री, 30 दिसम्बर 


गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अभिभावक-अध्यापक मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बोर्ड की दसवीं व 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की पूर्व बोर्ड परीक्षा और छठी से नौवीं व 11वीं कक्षाओं के तीसरे आवधिक परीक्षण के बाद और शीतकालीन अवकाश से पूर्व विद्यार्थियों के अभिभावकों से मिलन और विमर्श का यह भगीरथ प्रयास रहा। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी के नेतृत्व में सभी कक्षाओं के अध्यापकों ने अपने-अपने कक्षा-कक्षाओं में बैठ कर अभिभावकों से विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति पर चर्चा की। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, विनोद भारतीय, बलविन्द्र सिंह, अनिल पाल, राजेश सैनी, सलिन्द्र मंढ़ाण, राजेश कुमार, विवेक शर्मा, संदीप कुमार, दिनेश कुमार, बलराज कांबोज, मुकेश खंडवाल, स्वर्णजीत शर्मा, महेश कल्याणी, अध्यापक अश्वनी कांबोज, सोमपाल, संगीता, मीना सहित अनेक अध्यापकों ने अभिभावकों के साथ विचार-विमर्श किया। अध्यापकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की मोबाइल का इस्तेमाल करने, गलत संगति, समय व्यर्थ गंवाने आदि की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सारा सिलेबस करवाया जा चुका है। अवकाश के दौरान उसकी दोहराई करना बच्चों की जिम्मेदारी है। साथ ही अभिभावकों का दायित्व है कि बच्चों का ध्यान रखें। उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए शैक्षिक प्रगति को निरंतर मजबूत बनाए रखना पूरे परिवार का दायित्व है। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि अभिभावक और अध्यापक दोनों बच्चों की शैक्षिक उन्नति के आधार स्तंभ हैं। दोनों की प्रेरणा उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। इसलिए इस तरह के मिलन कार्यक्रम विशेष महत्व रखते हैं।  









Monday, December 29, 2025

EDUCATION & HEALTH AWARENESS PROGM. IN GSSS BADARPUR (KARNAL)

 विचार से व्यवहार, व्यवहार से संस्कार, संस्कार से बनता है संसार: अरुण शर्मा 

शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

इन्द्री, 29 दिसम्बर 

उपमंडल के गांव बदरपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य अरुण शर्मा ने की और निपुण हरियाणा मिशन के तहत सर्वेक्षण के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना से आए हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापिका कविता व डीपी विनोद कुमार ने किया।

प्रधानाचार्य अरुण शर्मा ने कहा कि विचार से व्यवहार बनता है। व्यवहार से संस्कार बनता है और संस्कार से संसार बनता है। यदि हमारे विचार सशक्त व सकारात्मक हो जाए तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि हमारा मन सुंदर विचारों का स्रोत बने तो हमारा शरीर भी स्वस्थ रहेगा।


प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि शरीर का स्वास्थ्य हमारे भोजन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि घर में बना पौष्टिक भोजन ही हमारे शरीर और मन की जरूरतों को पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि बाजार में मिलने वाला फास्ट फूड व लिफाफा बंद खाद्य कूड़ा खाद्य की श्रेणी में आता है। ऐसे भोजन से शरीर में बिमारियों का प्रवेश होता है। अच्छी किताबों के पढऩे और अच्छी संगति से हमें अच्छे विचार मिलते हैं। प्राध्यापिका कविता ने विद्यार्थियों को अच्छे विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छठी कक्षा की छात्रा अनिला ने विद्यार्थियों से रोचक एवं ज्ञानवर्धक प्रश्र पूछे, जिनके विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ उत्तर दिए। इस मौके पर भूपेन्द्र, अजीत, विनोद, कुलदीप, सतबीर, सुनील कुमार व रेखा सहित स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।


ਵਿਚਾਰ, ਵਿਵਹਾਰ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਦਾ ਹੈ ਸੰਸਾਰ: ਅਰੁਣ

ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਆਯੋਜਿਤ

ਇੰਦਰੀ, 29 ਦਸੰਬਰ

ਪਿੰਡ ਬਦਰਪੁਰ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਸਰਕਾਰੀ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਅਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਹਿੰਦੀ ਲੈਕਚਰਾਰ ਅਰੁਣ ਕੁਮਾਰ ਕੈਹਰਬਾ, ਜੋ ਕਿ ਨਿਪੁਣ ਹਰਿਆਣਾ ਮਿਸ਼ਨ ਅਧੀਨ ਸਰਵੇਖਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਮਾਡਲ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤੀ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਬਿਆਣਾ ਤੋਂ ਆਏ ਸਨ, ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦਾ ਸੰਚਾਲਨ ਲੈਕਚਰਾਰ ਕਵਿਤਾ ਅਤੇ ਡੀਪੀ ਵਿਨੋਦ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਕੀਤਾ।

ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਅਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਚਾਰ ਵਿਵਹਾਰ ਵੱਲ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਵਿਵਹਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਸੰਸਾਰ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਸਾਡੇ ਵਿਚਾਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਸਕਾਰਾਤਮਕ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਹੱਲ ਹੋ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਾਡਾ ਮਨ ਚੰਗੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਦਾ ਸਰੋਤ ਬਣ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਾਡਾ ਸਰੀਰ ਵੀ ਤੰਦਰੁਸਤ ਰਹੇਗਾ। ਲੈਕਚਰਾਰ ਅਰੁਣ ਕੁਮਾਰ ਕੈਹਰਬਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰੀਰ ਦੀ ਸਿਹਤ ਸਾਡੇ ਭੋਜਨ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਘਰ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਭੋਜਨ ਹੀ ਸਾਡੇ ਸਰੀਰ ਅਤੇ ਮਨ ਦੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਉਪਲਬਧ ਫਾਸਟ ਫੂਡ ਅਤੇ ਪੈਕ ਕੀਤਾ ਭੋਜਨ ਜੰਕ ਫੂਡ ਦੀ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਅਜਿਹਾ ਭੋਜਨ ਸਰੀਰ ਵਿੱਚ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਵੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਚੰਗੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਪੜ੍ਹਨਾ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਸੰਗਤ ਸਾਨੂੰ ਚੰਗੇ ਵਿਚਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਲੈਕਚਰਾਰ ਕਵਿਤਾ ਨੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੇ ਵਿਚਾਰ ਅਪਣਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ। ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਛੇਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦੀ ਵਿਦਿਆਰਥਣ ਅਨੀਲਾ ਨੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਤੋਂ ਦਿਲਚਸਪ ਅਤੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਭਰਪੂਰ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਦਿੱਤੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ 'ਤੇ, ਭੁਪਿੰਦਰ, ਅਜੀਤ, ਵਿਨੋਦ, ਕੁਲਦੀਪ, ਸਤਬੀਰ, ਸੁਨੀਲ ਕੁਮਾਰ ਅਤੇ ਰੇਖਾ ਸਮੇਤ ਸਟਾਫ ਮੈਂਬਰ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।