Saturday, April 4, 2026

MAKHANLAL CHATURVEDI JAYANTI / GMSSSS BIANA (KARNAL)

 माखनलाल चतुर्वेदी ने अपनी रचनाओं में अंग्रेजी शासन की काली करतूतों को बेनकाब किया: अरुण कैहरबा

जयंती पर मेरा परिचय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर लिया हिस्सा

जीविका, साक्षी, स्वाति, तनवी, वंशिका, राधिका, कृष्णा व ईशू रहे प्रथम चरण के विजेता

इन्द्री, 4 अप्रैल

भारत की आत्मा के नाम से विख्यात हिन्दी कवि माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती के उपलक्ष्य में करनाल जिला के गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए मेरा परिचय विषय पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व सलिन्द्र मंढ़ाण के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में जीविका, साक्षी, स्वाति, तनवी, वंशिका, राधिका, कृष्णा व ईशू का चयन किया गया। चयनित विद्यार्थी प्रतियोगिता के अगले चरण में हिस्सा लेंगे।

हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन व साहित्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि  चतुर्वेदी जी का जन्म 4 अप्रैल, 1889 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिला के बाबई गांव में हुआ था। एक साहित्यकार व पत्रकार के रूप में उन्होंने अपनी रचनाओं में अंग्रेजी शासन की काली करतूतों को बेनकाब किया। वे राष्ट्रवाद की प्रखर अभिव्यक्ति थे। उनकी कविता पुष्प की अभिलाषा से हमें पता चलता है कि वे अपने समय के बहुत से अन्य रचनाकारों की तरह केवल प्रकृति के सौंदर्य और उसके चित्रण तक ही सीमित नहीं थे। प्रेयसी के बालों में गूंथे जाने और देवचित्रों पर चढ़ाए जाने के प्रचलित प्रयोगों से फूल अपनी असंतुष्टि जाहिर करता है और वह ऐसे देशभक्तों व स्वतंत्रता सेनानियों के मार्ग में डाले जाने की अपील करता है। कक्षा नौवीं की पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग-1 में संकलित कविता- कैदी और कोकिला से हमें पता चलता है कि माखनलाल चतुर्वेदी केवल कलम के ही सिपाही नहीं थे, बल्कि देश की आजादी के लिए जेलों में जाने में भी पीछे नहीं थे। जेल में अंग्रेजी शासन की यातनाएं सहते हुए चतुर्वेदी जी ने यह कविता लिखी थी, जिसमें वे काल कोठरी में रहते हुए बाहर पेड़ पर बैठी कोयल से बात करते हैं और सहज रूप से अंग्रेजी शासन की क्रूरताओं को उजागर कर जाते हैं। वे इस कविता में हथकडिय़ों को ब्रिटिश राज का गहना कह कर संबोधित करते हैं। अरुण कैहरबा ने बताया कि चतुर्वेदी जी ने प्रभा, कर्मवीर व प्रताप का संपादन किया। महान स्वतंत्रता सेनानी व पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के सानिध्य में उन्होंने अपनी लेखनी को पैना किया। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए अपना परिचय रखते हुए आत्मविश्वास, स्पष्टता और निर्भयता आदि को आत्मसात करने का आह्वान किया। 

सलिन्द्र मंढ़ाण ने कहा कि अपना परिचय रखना हर एक विद्यार्थी के लिए अनिवार्य है। परिचय के माध्यम से अभिव्यक्ति के रास्ते खुलते हैं। प्रभावशाली ढ़ंग से परिचय देने वाले विद्यार्थी अभिव्यक्ति के आगामी पड़ावों पर आगे चल पाते हैं। उन्होंने आगामी चरण की प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अभ्यास करने का संदेश दिया।


Wednesday, April 1, 2026

PRAVESH UTSAV IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सरकारी स्कूल बेमिसाल: डॉ. गुरनाम मंढ़ाण

प्रवेश उत्सव के साथ नए सत्र का हुआ आगाज

बीईओ ने मुख्य अतिथि तौर पर संकुल स्तरीय नामांकन बढ़ाओ सम्मेलन को किया संबोधित

नए विद्यार्थियों का पुष्प वर्षा के साथ किया स्वागत

इन्द्री, 1 अप्रैल

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश उत्सव के साथ नए सत्र का आगाज हुआ। कार्यक्रम के दौरान हवन-यज्ञ आयोजित किया गया। इस मौके पर आयोजित संकुल स्तरीय नामांकन बढ़ाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. गुरनाम मंढ़ाण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन बीआरपी धर्मेन्द्र चौधरी व हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों से आए नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया।


बीईओ डॉ. गुरनाम मंढ़ाण ने कहा कि नामांकन अभियान में ब्याना के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां का स्टाफ योजनाबद्ध ढंग से गांवों के द्वार-द्वार तक जाकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार देने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अन्य स्कूलों को भी इस स्कूल से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गत सत्र में उन्होंने नामांकन अभियान चलाया था, जिसके तहत खंड के सरकारी स्कूलों में सात सौ से अधिक बच्चे बढ़े थे। इस बार हर स्कूल और अधिक बच्चों को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि तीन सौ से अधिक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का एमबीबीएस व आईआईटी के कोर्सों में दाखिला हुआ है। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्कूल देने के मामले में सरकारी स्कूलों की कोई बराबरी नहीं कर सकता। 


प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने आए अतिथियों का स्वागत करते हुए स्कूल के नामांकन अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की। बीआरपी धर्मेन्द्र ने कहा कि समुदाय के साथ विश्वास का रिश्ता बनाने पर ही हम नामांकन अभियान में सफलता हासिल कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुभाष चन्द, अरुण कुमार कैहरबा, विनोद कुमार, मुकेश खंडवाल सहित अनेक अध्यापकों ने अपने विचार प्रकट किए। राष्ट्रीय सिविल सर्विसिस खेलों की योग चैंपियनशिप में स्वर्ण एवं कांस्य पदक जीतने पर बीईओ डॉ. गुरनाम ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।


प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह, स्वर्ण कौर, अध्यापक अश्वनी कांबोज, नरेश मीत, रमन  बग्गा, बलिन्द्र कुमार, सोमपाल व विनीत कुमार के नेतृत्व में नए विद्यार्थियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर गांव सरपंच प्रतिनिधि विपिन पोटिया, स्कूल प्रबंधन कमेटी की प्रधान सोनिया रानी, रंदौली स्कूल के मुख्याध्यापक सुभाष शर्मा, बीड़ माजरी स्कूल के प्रभारी संजीव कुमार, स्नेह लता, राजेश सैनी, सलिन्द्र मंढ़ाण, दिनेश कुमार, संजीव कुमार, नरेन्द्र कुमार, विवेक शर्मा, गोपाल दास, राजेश कुमार, सन्नी चहल, स्वर्णजीत कौर, निशा कांबोज, अश्वनी भाटिया सहित समस्त स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। 




Monday, March 30, 2026

ANNUAL RESULT & MEGA PTM IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

 अभिभावक-अध्यापक सम्मेलन में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित

इन्द्री, 30 मार्च 

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित अभिभावक-अध्यापक सम्मेलन में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन इतिहास प्राध्यापक मुकेश खंडवाल ने किया। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य, प्राध्यापक डॉ. सुभाष चन्द, अरुण कुमार कैहरबा, विनोद भारतीय, बलविन्द्र सिंह, सतीश राणा, दिनेश कुमार, सलिन्द्र मंढ़ाण, संजीव कुमार, विवेक शर्मा, राजेश कुमार, राजेश सैनी, नरेन्द्र कुमार, गोपाल दास, सन्नी चहल, बलराज कांबोज, विनोद कुमार, स्वर्णजीत कौर, महेश कल्याणी, अश्वनी भाटिया, निशा कांबोज, अश्वनी कांबोज, नरेश मीत, रमन बग्गा, बलिंदर कुमार, सोमपाल, संगीता, मीना सहित सभी अध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आए विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


प्रधानाचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा नौवीं ए में अंशिका व जशन कुमार ने पहला, कृतिका ने दूसरा व राशि कांबोज व दिव्यांशी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कक्षा नौवीं-बी में जैसमीन ने पहला, रीतिका ने दूसरा और ज्योति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कक्षा नौवीं-सी में आरूषी ने पहला, निधि ने दूसरा व नव्या व कन्हैया लाल ने तीसरा स्थान पाया।


कक्षा-11वीं-ए में साक्षी, राहुल व सिमरण ने क्रमश: पहला, दूसरा व तीसरा स्थान पाया। 11वीं-बी में भावना ने पहला, सानिया व साक्षी ने दूसरा तथा मनप्रीत, आरती देवी व हर्षित ने तीसरा स्थान पाया। कक्षा 11वीं-सी कॉमर्स में निष्ठा बत्रा पहले, साक्षी देवी दूसरे व रीतू तीसरे स्थान पर रही। कक्षा 11वीं-डी नॉन मेडिकल में अनुष्का शर्मा, लविशा व शगुन तथा कक्षा 11वीं-ई मेडि
ल में रीतिक, मन्नत व रजनी ने क्रमश: पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया।

कक्षा छठी ए में पृषा कांबोज ने पहला, प्रतिभा ने दूसरा व लक्ष्य ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। छठी-बी में प्रत्यक्ष कुमार ने पहला, कनम ने दूसरा तथा आदित्य व आशीष ने तीसरा स्थान पाया। सातवीं-ए में अदिती, पार्थ व अस्मिता तथा सातवीं-बी में चारू, आरोही व मानवी ने क्रमश: पहले तीनों स्थानों पर कब्जा किया। आठवीं-ए में यविका, परनीत कौर व संध्या तथा आठवीं-बी में अंजलि, जीविका व स्वाति ने क्रमश: पहले तीनों स्थान प्राप्त किए। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने अभिभावकों से समय पर आगामी सत्र के लिए दाखिला करवाने और बच्चों की शिक्षा का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया। 





















Friday, March 13, 2026

LITERACY & ADMISSION AWARENESS RAILLY BY GMSSSS BIANA

खेती समरै नलाई तै, जिंदगी समरै पढ़ाई तै

विद्यार्थियों ने निकाली साक्षरता व दाखिला जागरूकता रैली

इन्द्री, 13 मार्च 

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने साक्षरता व दाखिला जागरूकता रैली निकाल कर साक्षरता व शिक्षा का संदेश दिया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने खेती समरै नलाई तै-जिंदगी समरै पढ़ाई तै, हर बेटी का है अधिकार-पूरी शिक्षा पूरा प्यार, गली-गली में जाना है, पढऩा और पढ़ाना है आदि नारे लगाए। रैली के माध्यम से स्कूल की विशेषताओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए अभिभावकों को दाखिले का आह्वान किया गया। रैली को प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने रवाना किया। रैली की अगुवाई प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, बलविन्द्र सिंह, नरेश मीत, रमन बग्गा, सोमपाल ने की। 

प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा धन है। शिक्षा से ही कोई भी समाज आगे बढ़ सकता है। निरक्षरों को पढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रयास किए गए हैं। आज भी उल्लास कार्यक्रम के तहत लोगों को पढऩे के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि कोसने व धिक्कारने से अज्ञान का अंधेरा दूर नहीं होगा। अज्ञान का अंधेरा भगाने के लिए हमें ज्ञान का दीप जलाना होगा। इस मौके पर प्राध्यापक बलराज कांबोज, राजेश सैनी, संदीप कुमार, विवेक शर्मा, अश्वनी भाटिया सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।





Thursday, March 12, 2026

RETIRED IAS DR. SUNIL GULATI VISITED DSP OFF. INDRI, VILLAGE KHERA & NANHERA

 फूलों की मुहिम का मकसद पर्यावरण को बचाना: डॉ. सुनील गुलाटी

सेवानिवृत्त विशेष मुख्य सचिव डॉ. सुनील गुलाटी ने डीएसपी कार्यालय का किया निरीक्षण

गांव खेड़ा के श्मशान में आपसी संस्था द्वारा बनाए गए हरित शव दाह गृह का भी लिया जायजा

नन्हेड़ा के सरकारी स्कूल के सौंदर्यीकरण को सराहा

इन्द्री, 12 मार्च
स्पेशल चीफ सेक्रेटरी के उच्च प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्त आईएएस और आपसी संस्था के संस्थापक डॉ. सुनील गुलाटी ने स्थानीय डीएसपी कार्यालय, गांव खेड़ा में आपसी संस्था द्वारा आईएसआर प्रा. लि. के सहयोग से बनाए गए हरित शव दाहगृह और गांव नन्हेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला का भ्रमण किया। डीएसपी कार्यालय में डीएसपी सतीश गौतम, पर्यावरण प्रेमी एवं पौधशाला संरक्षक महिन्द्र खेड़ा, प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, अध्यापक नरेश सैनी, देवेन्द्र देवा, मान सिंह, देवेन्द्र देवा, जगदीश चन्द्र व सुनील अलाहर सहित फूलों की मुहिम से जुड़े अध्यापकों ने उनका स्वागत किया। डीएसपी सतीश गौतम ने उन्हें कार्यालय परिसर की सुंदरता के लिए प्रयासों से अवगत करवाया।

डॉ. सुनील गुलाटी ने कहा कि आपसी संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए तरह-तरह के काम कर रही है। फूलों की मुहिम संस्था का महत्वपूर्ण कार्य है। फ्लावर मैन डॉ. रामजी जयमल के नेतृत्व में यह मुहिम पूरे देश भर में फैल गई है। फूलों के बीच में पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जाता है। यह ना केवल धरती को सुंदर बनाने की मुहिम है, बल्कि पर्यावरण को बचाने और आने वाले पीढ़ी को प्रकृति व पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की मुहिम भी है। उन्होंने थोड़े समय में डीएसपी कार्यालय की सुंदरता के लिए डीएसपी व आपसी की टीम के सहयोगियों को बधाई दी।

गांव खेड़ा के श्मशान में बनाए गए हरित शव दाह गृह का उन्होंने जायजा लिया। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार, समाजसेवी प्रशांत कांबोज, पंचायत सदस्य विनोद कुमार, ग्रामीण दीपक कांबोज, हितेश शर्मा, कैलाश चंद्र आदि अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शवदाह गृह निर्माण करके भी पेड़ों को बचाया जा सकता है। उन्होंने मौजूद ग्रामीणों को श्मशान में पेड़-पौधे लगाने का संदेश दिया। श्मशान के साथ ही उन्होंने खेल मैदान का भी जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने नन्हेड़ा स्कूल के सौंदर्यीकरण का निरीक्षण किया।

महिन्द्र खेड़ा ने उन्हें स्कूल सौंदर्यीकरण के प्रयासों से अवगत करवाया। स्कूल में जैव विविधता को संरक्षित करने के प्रयासों को देखकर डॉ. सुनील गुलाटी ने कहा कि स्कूलों की सुंदरता बच्चों में पढऩे के प्रति रूचि व अच्छे संस्कारों का विकास कर सकती है। उन्होंने इस दिशा में प्रयास कर रहे अध्यापकों की सराहना की। इस मौके पर आपसी संस्था से जुड़े विनीत खट्टर, विकास कांबोज, रवि कुंडू, कुलदीप, राममेहर, शमीश अब्बास, प्रिंस, अंकित, समे सिंह, सतबीर गिल मौजूद रहे।





Sunday, March 8, 2026

LANGUAGE & COMMUNICATION SKILLS DEVELOPMENT WORKSHOP IN PM SHRI JAWAHAR NAVODYA VIDYALYA NIWARSI (KURUKSHETRA)

 भाषा के बुनियादी कौशलों की जानकारी प्राप्त करते हुए अभ्यास करें विद्यार्थी: डॉ. फुलिया

भाषा एवं संचार कौशल विकास कार्यशाला आयोजित

डॉ. रणजीत, अरुण कैहरबा व राजेश सैनी ने विद्यार्थियों को कराया अभ्यास

कुरुक्षेत्र/लाडवा, 8 मार्च

गांव निवारसी स्थित कुरुक्षेत्र जिला के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में महिला दिवस के अवसर पर भाषा एवं संचार कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रसिद्ध मोटिवेटर एवं शिक्षाविद डॉ. रणजीत फुलिया, हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी ने स्रोत व्यक्ति के रूप में भाषा के विविध पक्षों की जानकारी देते हुए अभ्यास करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन उप प्रधानााचार्य हरिकृष्ण ने किया। कार्यशाला में सक्रिय हिस्सेदारी करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।



कार्यक्रम की शुरूआत में विद्यालय की महिला शिक्षिकाओं को मुख्य अतिथि रणजीत फुलिया ने सम्मानित किया। डॉ. रणजीत फुलिया ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी में अपना परिचय देने का अभ्यास करवाया। उन्होंने अंग्रेजी के संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, उत्तम पुरूष, मध्यम पुरूष एवं अन्य पुरूष के बारे में विद्यार्थियों से सवाल करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भाषा के बुनियादी नियमों की ना केवल जानकारी हासिल करनी चाहिए, बल्कि साथ ही अभ्यास भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ एयर इंडिया में काम करने का मौका मिला है। जवाहर नवोदय विद्यालय उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में स्थापित किए गए।


हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कार्यशाला की शुरूआत विश्वास गीत के साथ करते हुए कहा कि महिला दिवस महिलाओं की समानता, समान भागीदारी, सम्मान व गरिमा को समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम भाषा को देखते हैं तो कितने ही ऐसे शब्द व गालियां लोगों की बोलचाल का हिस्सा बन गई हैं, जिनसे महिलाओं के सम्मान को ठेस लगती है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें भाषा को गाली व अपशब्दों से मुक्त बनाने का संकल्प करना चाहिए।


अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी ने कहा कि वाक्य भाषा की सबसे अर्थपूर्ण इकाई है। वाक्य की संरचना की तरफ हमें ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कर्ता, कर्म व क्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए वाक्य बनाने का अभ्यास करवाते हुए कहा कि अंग्रेजी बोलना सीखने के लिए हमें बोलने का संकोच छोडऩा होगा। जो विद्यार्थी बोलने का अभ्यास करते हैं, वे जल्दी भाषा सीखते हैं। उप प्रधानााचार्य एवं अंग्रेजी के विशेषज्ञ हरिकृष्ण ने विद्यार्थियों को आम बोलचाल के उदाहरणों के माध्यम से रोचक तरीके से उत्तम पुरूष, मध्यम पुरूष और अन्य पुरूष की पहचान करवाई। उन्होंने आए अतिथियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।


आत्मविश्वास से लबरेज नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अरमान, परमीत सिंह, सरगुन, पलक, हरमन, मानवी, तमन्ना सहित विभिन्न विद्यार्थियों ने अपना परिचय देते हुए कार्यशाला को भाषा सीखने का शानदार मंच बताया। कार्यक्रम के आयोजन में अध्यापिका तृप्ता, गुजराती शिक्षिक भावेश, वेदपाल का योगदान रहा।