मंडल स्तरीय युवा ग्राम पंचायत
उठाए महिला समानता व सशक्तिकरण के मुद्दे
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभ्यास का मंच बनी युवा ग्राम पंचायतें
अरुण कुमार कैहरबा
ग्राम स्तर पर ग्राम सभा व ग्राम पंचायत लोकतंत्र के आधार स्तंभ की भूमिका निभाते हैं। 1992 में संविधान के 73वें संविधान संशोधन के अनुसार ग्राम सभा व ग्राम पंचायत की भूमिका को सशक्त बनाने का प्रावधान किया गया था। वास्तविकता की बात करें तो गांवों में ग्राम सभा की बैठकें वैसे नहीं होती हैं, जिसकी कल्पना व योजना संविधान में बनाई गई। एनसीईआरटी नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशभर में स्कूली स्तर पर आयोजित होने वाली युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिताएं जागरूकता का एक सशक्त माध्यम बन गई हैं, जिनके माध्यम से भावी नागरिकों को इन संस्थाओं की प्रक्रिया का पूरा अभ्यास करवाया जाता है। हरियाणा के जिला करनाल के गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंडल स्तर पर इसी तरह की युवा ग्राम पंचायत का आयोजन किया गया। प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह व अरुण कुमार कैहरबा के निर्देशन में आयोजित युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों ने गांव की स्वच्छता, स्कूल शिक्षा, पर्यावरण, सामाजिक न्याय, महिला समानता व सशक्तिकरण और समाज सुधार के मुद्दे उठाए। कार्यक्रम में ग्राम विकास एवं पंचायत विभाग के सेवानिवृत्त महानिदेशक बीएस मलिक व लाजवीर सिंह ने विशेष रूप से शिरकत करके विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। उप जिला शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। एससीईआरटी गुरुग्राम की तरफ से युवा ग्राम पंचायत का मूल्यांकन कुरुक्षेत्र जिला की डाइट के वरिष्ठ प्राध्यापक विद्याधन शर्मा के नेतृत्व में विषय विशेषज्ञों की टीम ने किया। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह मंढ़ाण, डाइट शाहपुर से सुनीता राणा, डॉ. बृजेश वत्स, जिला परिषद सदस्य सचिन बुढऩपुर, गांव की सरपंच अंजू रानी, प्रतिनिधि विपिन पोटिया, पंचायत सदस्य मान सिंह सैनी, कुलविन्द्र सैनी, एसएमसी प्रधान सोनिया व अनु कांबोज सहित अनेक ग्रामीणों ने युवा ग्राम पंचायत की पूरी प्रक्रिया को देखा और विद्यार्थियों के अभिनय की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और मंच संचालन अरुण कुमार ने किया।
विक्रेन्द्रीकरण से स्थानीय निकाय होंगे मजबूत: बीएस मलिक
सेवानिवृत्त आईएएस बीएस मलिक ने कहा कि विकेन्द्रीकरण के बिना स्थानीय निकाय मजबूत नहीं हो पाएंगे। उत्तरी भारत विशेष रूप से हरियाणा में ग्राम सभाओं व ग्राम पंचायत को मजबूत बनाने की जरूरत है। स्थानीय निकाय को मजबूत बनाने के लिए उन्हें वित्तीय शक्तियां मिलनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता का निरंतर ह्रास होता जा रहा है। मानवता का पहलु कमजोर हो रहा है। इससे समाज में विकृतियां बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कवि दुष्यंत कुमार की गज़ल की एक पंक्ति- इस शहर में अब कोई बारात हो या वारदात, अब किसी भी बात पर खुलती नहीं हैं खिड़कियाँ-सुनाते हुए कहा कि किसी के सुख व दुख से लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक हम बाहर हो रही घटनाओं के प्रति सचेत नहीं होंगे। अच्छाई के पक्ष में और बुराई के विरोध में अपनी प्रतिक्रिया नहीं देंगे, तो असंवेदनशीलता समाज में बढ़ती जाएगी। इसके लिए भाषण से अधिक खुद से शुरूआत करनी पड़ेगी। उन्होंने गीत की पंक्तियां सुनाते हुए खुद को तो बदल, खुद को तो बदल, बदलेगा जमाना बदलेगा, अगर शौक में तेरे जोश रहा तो ताना-बाना बदलेगा बदलाव का आह्वान किया।
सकारात्मक ग्राम सभाएं ग्राम पंचायत के माध्यम से कर सकती हैं विकास: लाजवीर सिंह
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी लाजवीर सिंह ने युवा ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि 1992 में हुए 73वें संविधान संशोधन के अनुसार संविधान की धारा-243 में नए बिंदू जोड़े गए थे, जिसमें ग्राम सभा और ग्राम पंचायत का प्रावधान किया गया था। ग्राम सभा यदि सकारात्मक होगी तो ग्राम पंचायत अच्छा कार्य कर सकेगी। ग्राम सभा पंचायत की गतिविधियों पर निगरानी रख सकती है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की महत्ता इसलिए है क्योंकि इसमें आम जन की सीधी भागीदारी है। यह भागीदारी जितनी सजग होगी, उतना ही गांव का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो कम से कम दो ग्राम सभाएं आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि युवा ग्राम पंचायत में सशक्त महिला सरपंच का संदेश दिया है। युवा ग्राम पंचायत में अधिकतर बड़ी भूमिकाएं छात्राओं ने निभाई हैं, जोकि महिलाओं की सशक्त भागीदारी की सुंदर मिसाल है।
गांव से होगा देश मजबूत: धर्मपाल चौधरी
उप जिला शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कहा कि यदि सभी गांव मजबूत हो जाएं तो देश अपने आप मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने बहुत सुंदर ढ़ंग से ग्राम पंचायत का मंचन किया है। बच्चों ने अपने गांव की पंचायत पर भी बहुत ही सकारात्मक असर डाला है। गांव की सरपंच अंजू रानी व उनके पति विपिन पोटिया ने कहा कि युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ग्राम पंचायत पहले से ही कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत के सुंदर मंचन के लिए बधाई दी। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने आए अतिथियों का आभार-ज्ञापन किया।
यह रही ग्राम सभा व ग्राम पंचायत की प्रक्रिया-
युवा ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों ने सरपंच, ग्राम सचिव, पंचायत सदस्यों, ग्रामीणों एवं अधिकारियों की भूमिका में शानदार अभिनय किया। कार्यक्रम की शुरूआत में सचिव, पंंच व सरपंचों के बीच ग्राम सभा के आयोजन का निर्णय होता है। चौकीदार गांव में ग्राम सभा की मुनानी करता है और मुख्य स्थानों पर सूचना का पर्चा चिपकाता है। ग्रामीण उससे मुनादी के बारे में पूछताछ करते हैं। इस दौरान बनाया गया गांव का दृश्य सभी का मन मोह लेता है। उसके बाद सरपंच की भूमिका निभा रही सिमरण व ग्राम सचिव जैसमीन के संयोजन में ग्राम सभा होती है। एक पंच पहले हुई ग्राम सभा के मुद्दे रखता है। ग्राम सचिव आय-व्यय और लेखा परीक्षण की रिपोर्ट रखती है तो एक व्यक्ति को छोड़ कर बाकी सभी उसका समर्थन करते हैं। ग्राम सभा में गांव की समस्याओं और लोगों की मांगों के बारे में तीखी नोंक-झोंक होती है। प्रधानाचार्या बनी प्रकृति, कृषि अधिकारी मनप्रीत, पशु चिकित्सक रीति, साइबर एक्सपर्ट श्वेता अपने विभागों की योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत करवाते हैं। सरपंच ग्रामीणों को मोबाइल का कम प्रयोग करने, कन्या भ्रूण हत्या न करने, दहेज ना लेने-ना देने, फसल अवशेष ना जलाने और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाती है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सचिव व सरपंच ग्राम पंचायत का एजेंडा तैयार करते हैं। चौकीदार बने मुनीष को पंचों को निमंत्रण के लिए भेजा जाता है। पंचों के आगमन के बाद ग्राम पंचायत का आयोजन होता है।
इन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में किया अभिनय-
बीडीपीओ की भूमिका में लक्षिता, एसडीओ भूमिका, एसएचओ अभी, एएनएम शिखा, पंच संजना, बॉबी, अनित पाल, लविश, लविश शर्मा, जतिन पाल, रूद्र, हर्षित, समाज सेविका त्रिशा, मीडिया पर्सन मलकीत, नंबरदार ऋषभ, ग्रामवासी की भूमिका में नेहा, सानिया, साक्षी, शिवानी, रीतू, रूबी, ज्योति, अरमी, साहिबा, रीतिका, प्रियंका, नवनीत, रीतिका, मनीषा, आँचल, अनुष्का, माफी, मनिन्द्र, रीतू, स्नेहा, रिया, अतुल, हरदेव, कार्तिक, निशा, कामिनी सहित 50 विद्यार्थी अभिनय करते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापक सतीश राणा, बलराज, राजेश सैनी, राजेश कुमार, विवेक शर्मा, मुकेश खंडवाल, गोपाल दास, अश्वनी कांबोज, नरेश मीत, सोमपाल, विनीत सैनी, निशा कांबोज, निर्मलजीत सिंह सहित स्टाफ सदस्यों ने योगदान किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य वीना गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार, प्राध्यापक कर्ण सिंह, डॉ. जय सिंह, एबीआरसी सुखविन्द्र कांबोज, सामाजिक कार्यकर्ता बलबीर सैनी, महिन्द्र गोयल व अनु कांबोज सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
REPORT BY : ARUN KUMAR KAHARBA
M.NO.-9466220145



















































