स्वयंसेवियों ने यमुना किनारे चलाया सफाई अभियान
ब्याना स्कूल के विद्यार्थियों ने की नबियाबाद के एतिहासिक गुरुद्वारे की यात्रा
इन्द्री, 27 सितंबर
गांव
ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के
विद्यार्थियों ने सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत जिला करनाल के गांव नबियाबाद
में दशमेश प्रकाश गुरुद्वारा एवं यमुना नदी का भ्रमण किया। एनएसएस प्रभारी व
हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी,
गणित प्राध्यापक सतीश राणा, ब्यूटी एंड वेलनेस अनुदेशिका निशा कांबोज,
पंजाबी प्राध्यापिका स्वर्णजीत शर्मा, कृषि अनुदेशक निर्मलजीत सिंह,
शारीरिक शिक्षा अनुदेशक रमन बग्गा की अगुवाई में विद्यार्थियों ने
गुरुद्वारा साहिब के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। एनएसएस
स्वयंसेवियों व विद्यार्थियों ने यमुना किनारे सफाई अभियान चलाया और यमुना
के किनारे लोगों द्वारा डाले गए प्लास्टिक के गिलास, कप, पॉलिथीन व बोतलें
एकत्रित की।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने अध्यापकों व स्वयंसेवियों
के दल को रवाना करते हुए उन्हें अपने आस-पास के स्थानों के इतिहास के प्रति
सजग बनने की अपील की। गुरुद्वारा साहिब में पहुंचने पर अरुण कुमार कैहरबा
ने बताया कि 1984 में संत बाबा जगदीश सिंह ने गुरुद्वारे की स्थापना की थी।
जब भी यमुना में बाढ़ आती है, गुरुद्वारे में प्रशासन के द्वारा राहत
शिविर बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी का आस-पास के क्षेत्र को
सिंचित करने और भूमि की उर्वरता को बनाए रखने में बड़ा योगदान रहता है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा रेखा के रूप में नदी काम करती है। लोगों
द्वारा यमुना व नदियों को दूषित करना पर्यावरण व जन जीवन की दृष्टि से कतई
उचित नहीं है। निर्मलजीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे ने यमुना क्षेत्र में
शिक्षा की ज्योत जलाने में भी मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने गुरुद्वारे
के स्कूल से दसवीं कक्षा तक की शिक्षा ग्रहण करने के अपने अनुभवों पर
प्रकाश डालते हुए गुरुद्वारे के संस्थापक संत बाबा जगदीश सिंह के जीवन
संघर्षों पर प्रकाश डाला। स्वर्णजीत व निशा कांबोज ने गुरु ग्रंथ साहब पर
प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ग्रंथ में गुरु नानक, संत कबीर, संत रैदास,
बाबा फरीद सहित अनेक कवियों की वाणी को संकलित किया गया है। सतीश राणा,
राजेश सैनी व रमन बग्गा कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों को अपने आसपास के
स्थानों की ऐतिहासिकता को समझने में निरंतर पथ प्रदर्शन करेगी।
गुरुद्वारा
साहिब में विद्यार्थियों ने चाय व बिस्कुट का प्रसाद ग्रहण किया। महक,
जैसमीन, रीतिका, रूबी, सृष्टि, ज्योति, भूमिका, हिमांशी, कृतिका, तनिशा,
हर्षिका, राशी, रीति, तनिका, रीतू, शिवानी, पूर्वी, माही आदि विद्यार्थियों
ने कहा कि हमारा गांव नबियाबाद से ज्यादा दूर नहीं है। लेकिन अध्यापकों के
मार्गदर्शन में स्कूल की तरफ से यात्रा में आना और सीखना जीवन भर याद
रहेगा।






























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