Saturday, June 7, 2025
HARIYALI & PUSHP ABHIYAN IN DSP OFFICE INDRI
कार्यालय में चलाया जा रहा है हरियाली व पुष्प अभियान
Tuesday, June 3, 2025
INDIAN LANGUAGE SUMMER CAMP DAY-2 IN GMSSSS BIANA (KARNAL)
भारतीय भाषा समर कैंप का दूसरा दिन
गायन, नृत्य, चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों ने उठाया सीखने का आनंद
हिन्दी, अंग्रेजी व पंजाबी भाषा में सीखे अभिव्यक्ति के कौशल
इन्द्री, 3 जून
गांव ब्याना के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किए जा रहे भारतीय भाषा समर कैंप के दूसरे दिन विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आनंद के साथ सीखने का लाभ उठाया। शिविर में गायन, नृत्य, पेंटिंग, हिन्दी, अंग्रेजी व पंजाबी भाषाओं की गतिविधियां आयोजित की गई। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी के मार्गदर्शन में गतिविधियों का संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, अंग्रेजी प्राध्यापक व कैंप प्रभारी राजेश सैनी, संगीत प्राध्यापक अश्वनी भाटिया, पंजाबी प्राध्यापिका स्वर्णजीत शर्मा, अंग्रेजी अध्यापक अश्वनी कांबोज, हिन्दी अध्यापक नरेश मीत, संस्कृत अध्यापक सोमपाल ने किया।
कार्यक्रम की शुरूआत हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने की। उन्होंने विश्वास गीत गाया और सभी अध्यापकों व विद्यार्थियों ने साथ-साथ गाया। इसके बाद अंग्रेजी अध्यापक अश्वनी कांबोज ने अंग्रेजी व्यापक व मौखिक अभिव्यक्ति कौशलों का विद्यार्थियों को अभ्यास करवाया। संगीत प्राध्यापक अश्वनी भाटिया ने विद्यार्थियों के एक समूह को गायन और नृत्य का अभ्यास करवाया। पंजाबी प्राध्यापिका स्वर्णजीत शर्मा ने विद्यार्थियों को पेंटिंग करवाई।
समापन समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया। शिविर के दूसरे दिन की गतिविधियों का चरम बिंदू तब आया, जब विद्यार्थियों के समूह के साथ संगीत प्राध्यापक अश्वनी भाटिया ने नृत्य करके सबको अपना कायल बना लिया।
अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि संगीत व कलाएं हमें संकीर्णताओं और भेदभाव से ऊपर उठाकर सच्चा इन्सान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी लैंगिक, जातीय व साम्प्रदायिक संकीर्णताओं को ढ़ोता रहता है। इसमें यह तय होता है कि यह काम महिलाओं का है और यह काम पुरूषों का है। जबकि कलात्मक अभिव्यक्ति के दौरान कलाकार की लैंगिक पहचान समाप्त हो जाती है। कलात्मक और सृजनात्मक अभिव्यक्ति मनुष्य को मानवता का अहसास करवाती है। इस प्रक्रिया में कलाकार तो बदलता ही है, साथ ही दर्शक व श्रोता भी अपने भीतर बदलाव महसूस करते हैं। उन्होंने संगीत प्राध्यापक अश्वनी भाटिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक अच्छे कलाकार हैं। शिविर में प्राध्यापक व विद्यार्थियों की सामूहिक प्रस्तुति शिविर ही नहीं स्कूल के इतिहास की बेहतरीन प्रस्तुति रही है। अश्वनी भाटिया ने शिविर प्रतिभागी तनवी को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कैंप के नोडल अधिकारी राजेश सैनी ने कहा कि शिविर में विद्यार्थियों को आनंददायी ढ़ंग से सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से 8 जून तक आने और गतिविधियों में सक्रिय हिस्सेदारी का आह्वान करते कहा कि शिविर में उन्हीं विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र मिलेगा, जोकि हर रोज आएगा। उन्होंने कहा कि अध्यापकों व विद्यार्थियों की सामूहिक ऊर्जा ही शिविर की सफलता का आधार बनेगी।
Monday, June 2, 2025
INDIAN LANGUAGES SUMMER CAMP DAY-1 / GMSSSS BIANA (KARNAL)
मातृभाषा का मजबूत आधार अन्य भाषाएं सीखने में होता है सहायक: अरुण
कहा: भारत की भाषाई विविधता दुनिया को हैरान करने वाली
भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का हुआ शुभारंभ
शिविर के पहले दिन विद्यार्थियों ने बुनियादी अभिवादन एवं अभिव्यक्ति के कौशल सीखे
इन्द्री, 2 जून
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक सप्ताह तक चलने वाले भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में विद्यार्थियों को आनंददायी गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। शिविर की शुरूआत प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, बलविन्द्र सिंह, शिविर प्रभारी राजेश सैनी, अश्वनी भाटिया, स्वर्णजीत शर्मा, अश्वनी कांबोज, नरेश मीत ने की। शिविर के पहले दिन विद्यार्थियों को हिन्दी, अंग्रेजी व पंजाबी में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बुनियादी अभिवादन और अपना परिचय प्रस्तुत करने का अभ्यास किया।
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां की भाषाई विविधता पूरी दुनिया को हैरान करने वाली है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 1369 मातृभाषाएं व बोलियां थी। इनमें से 121 मान्य भाषाएं हैं। संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिन्हें अनुसूचित भाषाएँ कहा जाता है। इसके अलावा 99 गैर-अनुसूचित भाषाएं हैं। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति का अभिन्न रिश्ता है। भाषाएं हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि मातृभाषा का मजबूत आधार विद्यार्थियों को अन्य भाषाएं सीखने में सहायक होता है। इसलिए मातृभाषा को सीखने के बाद हमें अन्य भाषाएं सीखने की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य भाषाई विविधता को समझना और भाषाई कौशलों को मजबूत करना है।
शिविर प्रभारी राजेश सैनी ने कहा कि भाषा समर कैंप विद्यार्थियों के लिए नया सीखने का शानदार मौका है। शिविर में मजे के साथ गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन निर्धारित समय आने का आह्वान करते हुए कहा कि शिविर में प्रतिभागी विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रैस पहन कर आने से छूट दी गई है। शिविर के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा।
बलविन्द्र सिंह ने कहा कि पूरे देश में इस तरह के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इससे देश में भाषावाद व भाषाई संकीर्णताओं से मुक्ति मिलेगी। स्वर्णजीत शर्मा ने पंजाबी भाषा और अश्वनी कांबोज ने अंग्रेजी भाषा में विद्यार्थियों को सामान्य व विशेष परिस्थितियों में अभिवादन के तरीकों की जानकारी देते हुए अभ्यास करवाया। अश्वनी भाटिया ने गीतों व नृत्यों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। नरेश मीत ने कहा कि छुट्टियों के दौरान शिविर का समय बदलाव का समय है। उन्होंने कहा कि गतिविधियां विद्यार्थियों को करके सीखने का अवसर प्रदान करेंगी। पहले दिन की गतिविधियों के समापन पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।
Saturday, May 31, 2025
PARENTS TEACHERS MEETING IN GMSSSS BIANA
विद्यार्थियों की प्रगति पर अभिभावकों-अध्यापकों ने की चर्चा
ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व मीटिंग आयोजित
उन्होंने कहा कि शिविर का मकसद विद्यार्थियों को आनंददायी तरीकों से भाषा के विभिन्न कौशल सीखने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि स्कूल में 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां चल रही हैं। डीपीई रमन बगा के नेतृत्व में बच्चों को योग की तैयारियां करवाई जा रही हैं। इस मौके पर प्राध्यापक सुभाष भारती, विनोद भारतीय, विनोद आचार्य, नरेन्द्र कुमार, सन्नी चहल, नरेश मीत की सक्रिय भूमिका रही।
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| DAINIK TRIBUNE 1-6-2025 |
Wednesday, May 28, 2025
GUIDANCE BY PROFESSOR OF SUS COLLEGE IN GMSSSS BIANA
जीवन में सफलता के लिए अंग्रेजी व हिन्दी विषय में करें विशेष मेहनत: डॉ. हरीश
शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय के प्रोफसर ने विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन
बारहवीं के बाद शिक्षा के विकल्प एवं संभावनाएं विषय पर सेमिनार आयोजित
इन्द्री, 28 मई
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के मार्ग में आगामी विकल्प एवं संभावनाएं विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय मटक माजरी इन्द्री में अंग्रेजी विभाग में प्रोफसर डॉ. हरीश कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ौंदी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समाजशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. वीरेन्द्र राठी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी प्राध्यापक विनोद भारतीय व राजेश सैनी ने किया और अध्यक्षता हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने की।
डॉ. हरीश कुमार ने कहा कि उनका महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केन्द्र है। महाविद्यालय में इस समय अंडर ग्रेजुएट कोर्सिस में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। उनके कॉलेज में एनईपी-2020 के तहत परंपरागत यूजी कोर्सिस के अलावा बीसीए, बीजेएमसी, बीटीएम जैसे व्यावसायिक कोर्स भी हैं। इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी विषय में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों को ऑनर्स कोर्स में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं से संबंधित प्रश्र प्रतियोगी परीक्षाओं में आते हैं, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी भाषाओं पर विशेष रूप से मेहनत करें। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए 12वीं के बाद मिलने वाले विकल्पों से परिचित करवाया।
डॉ. वीरेन्द्र राठी ने कहा कि मटक माजरी कॉलेज में समाजशास्त्र विषय भी आ गया है। इसलिए यूजी कॉर्स में दाखिल होने वाले विद्यार्थी समाज शास्त्र विषय में भी बढ़ाई कर सकते हैं।
अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि जो विद्यार्थी जितना जल्दी अपना जीवन लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं, उन्हें ज्यादा सोचना नहीं पड़ता है। वे अपने लक्ष्य को पूरा करने की प्रक्रिया में मेहनत भी अधिक करते हैं। यदि लक्ष्य निर्धारित नहीं करेंगे तो इधर-उधर भटकने की संभावनाएं भी रहेंगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भाषाई कौशल निखारने का भी आह्वान किया।
विनोद भारतीय ने कहा कि कॉलेज शिक्षा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। शिक्षा के सफर में जब विद्यार्थी कॉलेज तक पहुंचता है, तभी हमें आगे बढऩे की राह सूझती है। इसलिए विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के बाद कॉलेज में जरूर जाना चाहिए।
राजेश सैनी ने कहा कि भाषा की मजबूत नींव आगे बढऩे का आश्वासन है। विद्यार्थियों को हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी विषय पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी अन्तर्राष्ट्रीय भाषा है। इसलिए यदि हम आगे बढऩा चाहते हैं तो विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में बोलने का अभ्यास करना चाहिए।






















































