Saturday, September 27, 2025
VISIT OF HISTORICAL NABIYABD GURUDWARA & YAMUNA RIVER / GMSSSS BIANA
ब्याना स्कूल के विद्यार्थियों ने की नबियाबाद के एतिहासिक गुरुद्वारे की यात्रा
Tuesday, September 16, 2025
हिंदी भाषा की चुनौतियां: विचार गोष्ठी
प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही होनी चाहिए: अरुण कैहरबा
हिंदी भाषा की चुनौतियां विषय पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन
कुरुक्षेत्र, 14 सितम्बर
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कुरुक्षेत्र स्थित रविदास मंदिर सभागार में जनवादी लेखक संघ की कुरुक्षेत्र इकाई द्वारा विचार-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता जनवादी लेखक संघ के राज्य अध्यक्ष जयपाल, ओम सिंह अशफ़ाक और प्रिसिंपल नरेश नागपाल ने की और संचालन मनजीत सिंह ने किया। संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने हिन्दी भाषा की चुनौतियां विषय पर बोलते हुए कहा कि मातृभाषाएं समाज के चिंतन, मनन और विचारों का आधार हैं। शिक्षा में मातृभाषाओं की उपेक्षा करना किसी भी तरह से ठीक नहीं है। प्राथमिक शिक्षा केवल मातृभाषा में होनी चाहिए। जिन समाजों में प्राथमिक शिक्षा बच्चों की मातृभाषा में दी जाती है, वहां पर बच्चों की प्रतिभा का सहज रूप से विकास होता है। उन्होंने कहा कि बैंक, रेलवे, अदालत व कार्यालयों आदि में ऐसी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए जो आम जनता को समझ आये। हिन्दी को जटिलता व क्लिष्टता से बाहर निकालने की कोशिश होनी चाहिए और ऐसा रूप विकसित होना चाहिए, जो आम आदमी समझ पाए।
उन्होंने कहा कि कोई भाषा किसी भाषा की जननी नहीं होती। भाषा के विकास की एक प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा के विकास की भी एक प्रक्रिया है। हिंदी का विकास पाली, प्राकृत व अपभ्रंश से हुआ है। अपनी उपभाषाओं और बोलियों के साथ ही हिन्दी ने अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों को सहज रूप में ग्रहण किया। हिंदी में तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी भाषाओं का समाहार है। उन्होंने कहा कि भाषा बहते नीर के समान होती है। हिन्दी को संस्कृतनिष्ठ बनाने के लिए इसमें जबरदस्ती संस्कृत के शब्दों को ठूंसना हिन्दी के स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह से उचित नहीं है। भाषा की कसौटी यही है कि वह आम की समझ में आए। दिखावटी और बनावटी भाषा किसी का भला नहीं कर सकती। अरुण कैहरबा ने कहा कि किसी भी भाषा में शुद्धता नाम की कोई चीज़ नहीं होती। जिसे कईं बार विकार कहा जाता है, उससे भाषा विकास करती है। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग, विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के भाषा विभागों के विद्वानों द्वारा भाषा का निर्माण नहीं होता। भाषा गांवों, खेत-क्यार, मेलों-ठेलों, चौक-चौराहों में रूप ग्रहण करती है। भाषाविद् भाषा के मानकीकरण का काम जरूर करते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों को कोशिश करनी चाहिए कि उनकी भाषा सभी को समझ में आए और साहित्य आम जन से जुड़े। मुख्य वक्तव्य के बाद विभिन्न रचनाकारों ने अपनी टिप्पणियां और सवाल किए।
सुबह का इंतजार और बौने प्रहसन व अन्य कविताएं का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कविता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर अरुण कुमार कैहरबा के काव्य संग्रह- सुबह का इंतज़ार व कपिल भारद्वाज के काव्य संग्रह-बौने प्रहसन व अन्य कविताएं का विमोचन किया गया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता हरियाणवी शायर करमचंद केसर, वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश करुणेश व हरपाल गाफिल ने की। मंच संचालन कवि डॉ. कपिल भारद्वाज ने किया। कविता पाठ में भाग लेते हुए समीक्षा सिंह ने कहा-
बड़े मायूस से हो हमदर्द का दर देख आए क्या
किसी की आस्तीन में तुम भी खंजर देख आये क्या
शायर दीपक मासूम ने अपनी गजल सुनाते हुए फरमाया-
कौन रक्खे ख्याल दुनिया का
ये भी है इक सवाल दुनिया का
तुम बदल दो निज़ाम को अपने
हो ना जीना मुहाल दुनिया का
कवि जयपाल ने कहा--
क्योंकि कुछ लोग पवित्र होते हैं
इसलिए बाकी लोग अपवित्र होते हैं
मनजीत सिंह ने कहा-
घणा माड़ा टेम आग्या, परिवार कुणबे की इज्जत होगी ढेर ।
एक बुझी रोटी की दूसरा खाएगा के
हरयाणवी कवि करमचंद केसर ने कहा-
एक झटके मैं सारे रिश्ते तोड़ गए
बेटे माँ नैं बिरध आसरम छोड़ गए
डॉक्टर सीमा बिरला ने हिंदी भाषा का गुणगान करने की बात इन शब्दों में की-
आओ हिंदी दिवस मनाएं
निज भाषा अभिमान करें
सुंदर अभिव्यक्ति से मिलकर
हिंदी का गुणगान करें
कवि अरुण कैहरबा ने अपनी रचना में कहा-
भाषा बहता नीर कबीरा
देता सबको धीर कबीरा।
शब्द साधना करने वाले
खींचे बड़ी लकीर कबीरा।
पंजाबी अध्यापक व कवि नरेश सैनी ने अपनी कविता पढ़ते हुए कहा-
रोटी तो रोटी है, छोटी है या मोटी है
बेशक अमीर की शान और गरीब की जान है।
कवि ओम सिंह अशफाक ने अपनी ताजा और 20साल पुरानी कविताएं सुनाकर मौजूदा परिवेश के बारे में सोचने को मजबूर कर दिया। इस मौके पर हरपाल, नरेश दहिया, विकास साल्यान, सिमरन, इमरान, इकबाल, हबीब खान आदि ने भी अपनी रचनाओं से इस आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम के दौरान यूनिक पब्लिशर्स के संयोजक विकास साल्यान ने किताबों की प्रदर्शनी लगाई और किताबें पढऩे के लिए प्रेरित किया।
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| JAGMARG 16-9-2025 |
Sunday, September 14, 2025
हिन्दी दिवस
हिन्दी भाषा की चुनौतियाँ
अरुण कुमार कैहरबा
हिन्दी प्राध्यापक व लेखक
वार्ड नं.-4, रामलीला मैदान, इन्द्री,
जिला-करनाल, हरियाणा-132041
मो.नं.-9466220145
Thursday, September 11, 2025
CENSUS ASSESSMENT TEACHER TRAINING WORKSHOP IN GMSSSS BIANA
दूसरी-तीसरी के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का 15-16 सितंबर को होगा मूल्यांकन
हिन्दी व गणित का ऑनलाइन मूल्यांकन करेंगे दोनों विषयों के अध्यापक व प्राध्यापक
संकुल स्तरीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में निपुण हरियाणा के तहत आयोजित संकुल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षकों व प्रतिभागियों का समूह चित्र।

Wednesday, September 10, 2025
साक्षरता जागरूकता रैली / GMSSSS BIANA KARNAL
महल झोंपड़ी घर कच्चे तक, शिक्षा पहुंचे हर बच्चे तक
विद्यार्थियों ने निकाली साक्षरता जागरूकता रैली
सबको शिक्षा का दिया संदेश
इन्द्री, 10 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट द्वारा उल्लास कार्यक्रम के तहत साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में साक्षरता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एनएसएस प्रभारी अरुण कुमार कैहरबा, प्राध्यापक स्वर्णजीत शर्मा, अध्यापक रमन बग्गा, अश्वनी कांबोज, सोमपाल कांबोज, संगीता शर्मा ने रैली का नेतृत्व किया। रैली को सफल बनाने में उल्लास कार्यक्रम के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुभाष भारती, सर्वेयर नरेश मीत, प्राध्यापक अनिल पाल, दिनेश कुमार, विनोद आचार्य, बलविन्द्र सिंह, नरेन्द्र कुमार, सन्नी चहल, संदीप कुमार सहित अनेक अध्यापकों का सहयोग रहा।
प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सभी को साक्षर बनाने के लिए उल्लास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ कर हम अपने देश को आगे ले जाने में योगदान कर सकते हैं। सुभाष भारती ने कहा कि स्कूल में आ रहे सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए ताकि आने वाले समय में हमें पछताना ना पड़े। हिन्दी प्राध्यापक व एनएसएस प्रभारी अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि शिक्षा व साक्षरता किसी भी व्यक्ति के विकास के लिए अत्यंत जरूरी है। एक बेहतर समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है। यदि हमें अपने देश को विकसित देशों की श्रेणी में लाना है तो हमें हर व्यक्ति को साक्षर बनाने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम साक्षरता की बात करते हैं तो निरक्षर रही आबादी की जीवन स्थितियों पर भी गौर करना होगा। अधिकतर अनपढ़ रह गए लोगों में ज्यादा संख्या महिलाओं की है। या फिर सामाजिक आर्थिक स्थितियों के कारण वे पढ़ नहीं पाए। समानता पर आधारित भेदभावमुक्त समाज के निर्माण के लिए शिक्षा का जन-जन तक पहुंचना जरूरी है। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर संकल्प किया कि हम अपने घर व आस-पास अनपढ़ लोगों को पढ़ाएंगे।
https://www.youtube.com/shorts/cJBrbsLMQDUरैली के दौरान विद्यार्थियों ने गली-गली में जाना है, पढऩा और पढ़ाना है, शिक्षा हमें जगाती है, शोषण से बचाती है, अंधकार को क्यों धिक्कारें, अच्छा है एक दीप चला लें, महल झोंपड़ी घर कच्चे तक, शिक्षा पहुंचे हर बच्चे तक, हर बेटी का है अधिकार, पूरी शिक्षा पूरा प्यार आदि नारे लगाए। विद्यार्थियों के जोश व उत्साह पूर्वक नारों को सुनकर लोगों ने घरों से निकल-निकल कर रैली को देखा और विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया। रैली को सफल बनाने में माही, माधवी, चेतना पाल, मन्नत, रूही, निशिता, आइना, अस्मिता, कौशल, पृषा कांबोज, प्रतिभा, अदिति, दिशिका सहित अनेक विद्यार्थियों का सक्रिय योगदान रहा।
https://www.youtube.com/shorts/n1JZnx1GJNY
Saturday, September 6, 2025
PAINTING & SLOGAN WRITING COMPETITION IN GMSSSS BIANA
चित्रकला प्रतियोगिता में रीति व मनप्रीत रहे प्रथम
इको क्लब ने करवाई नारा लेखन व चित्रकला प्रतियोगिताएं
गांव ब्याना स्थित रजाकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य व अध्यापकों के साथ अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करते विद्यार्थी।

इन्द्री, 6 सितंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इको क्लब के द्वारा नारा लेखन व चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के जरिये पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण का संदेश दिया। साथ ही पर्यावरण पर मंडरा रहे खतरों के प्रति चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संयोजन इको क्लब के प्रभारी संजीव कुमार ने किया। इस मौके पर प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, नरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, विनोद आचार्य, दिनेश कुमार, सन्नी चहल, विनीत सैनी सहित अनेक अध्यापकों ने सहयोग किया। नौवीं से 12वीं कक्षा समूह में नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रिया ने पहला, खुश्बू ने दूसरा व लविशा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में रीति ने पहला, तनु ने दूसरा, अखिल ने तीसरा व सोमन कश्यप व संजना ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। छठी से आठवीं कक्षा समूह में नारा लेखन में जीविका पहले, वंशिका दूसरे, स्वाति तीसरे व तनवी को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। चित्रकला में मनप्रीत पहले, प्रतिभा दूसरे व रूही तीसरे स्थान पर रही।























































