Friday, February 7, 2020

Bharat Ek Khoj Quiz in GHS Karera Khurd

जवाहरलाल नेहरू की किताब 'भारत एक खोज' पर प्रश्नोत्तरी आयोजित

संत कबीर टीम रही प्रथम


गांव करेड़ा खुर्द स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में कक्षा आठ के हिन्दी के सिलेबस में शामिल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पुस्तक- भारत एक खोज पर प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा के नेतृत्व एवं संयोजन में हुई प्रश्रोत्तरी में कक्षा आठ के विद्यार्थियों की छह टीमों ने हिस्सा लिया। कक्षा नौवीं के विद्यार्थी मोनिका व लवकेश ने स्कोरर की भूमिका निभाई। मुख्याध्यापिका ओमप्रभा शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
प्रश्रोत्तरी में संत कबीर टीम ने 70 अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया। अव्वल रही टीम में मधु, सिमरण व मानसी शामिल रहे। प्रतिभा, खुशी, साक्षी व मुकंद की लक्ष्मी टीम 55 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। तीसरे स्थान पर रही टीम कावेरी में अभिषेक, सचिन, कीर्ति शामिल रहे।
ओमप्रभा ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि बोर्ड की कक्षा के विद्यार्थी योजना बनाकर कर अपनी पढ़ाई पर लगें।
अरुण कैहरबा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जवाहर लाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ आजादी की लड़ाई में कईं बार जेलें काटने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी, प्रबुद्ध विचारक एवं लेखक के रूप में भी जाने जाते हैं। 1944 में अहमदनगर के किले में वे नौवीं बार जेल में थे। जेल में ही उन्होंने अप्रैल से सितंबर 1944 तक नेहरू जी ने भारत एक खोज  नाम की किताब लिखी थी। यह किताब मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई, जिसे क्लासिक का दर्जा हासिल है।
इस किताब में लेखक ने सिंधू घाटी की सभ्यता से लेकर भारत की आजादी तक विकसित हुई बहुलतावादी संस्कृति, इतिहास, राजनीति व समाज का वैज्ञानिक दृष्टि से विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा कि किताब को पढक़र देश के इतिहास व विकास को बेहतर ढ़ंग से समझा जा सकता है। 
इस मौके पर अंग्रेजी प्राध्यापक संदीप अहलावत, ईएचएम विष्णु दत्त, विज्ञान अध्यापक ओमप्रकाश, अध्यापिका सुखिन्द्र कौर, रजनी, मुख्य शिक्षिका उषा, वीरेन्द्र कुमार, वंदना, किशोरी लाल, सुल्तान सिंह व लवकेश उपस्थित रहे।



Tuesday, January 28, 2020


धूमधाम से मनाया गणतंत्र दिवस समारोह
गांव करेड़ा खुर्द स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। गांव की सरपंच उपनीत कौर, पढ़ी-लिखी लड़की काजल, शिल्पा सैनी ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। स्कूल में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मिश्री का माजरा गांव के सरपंच राम हुसन की तरफ से उनके भाई हरिदास, स्कूल प्रबंधन कमेटी की प्रधान मीनू, ईएचएम विष्णु दत्त व मुख्य शिक्षिका उषा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम में एक साल के अंतराल में पैदा हुई लड़कियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन अध्यापिका रजनी व वंदना ने किया। प्राध्यापक संदीप अहलावत, अध्यापक ओम प्रकाश, सुखिंद्र कौर, सुल्तान सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान किया। पंचायत की तरफ से सरपंच उपनीत कौर व राजेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को लड्डू का प्रसाद वितरित किया।





































Pariksha pe Charcha In Gian Jyoti Public School Muradgarh


शिक्षा दुनिया का खूबसूरत रास्ता: अरुण
परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों ने पाया मार्गदर्शन

गांव मुरादगढ़ स्थित ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल में नौवीं व दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तनाव मुक्त परिवेश में परीक्षाओं की तैयारी विषय पर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों के साथ बातचीत की। विद्यार्थियों ने प्रश्र पूछ कर अपनी भावनाएं रखी, जिनका मुख्य वक्ता ने जवाब दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल चेयरमैन सदा सुख कांबोज ने की। इस मौके पर स्कूल प्रबंधक नीलम कांबोज विशेष रूप से मौजूद रही।
अरुण कैहरबा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का रास्ता दुनिया का सबसे खूबसूरत रास्ता है। यह रास्ता ज्ञान, समझ और आनंद से भरपूर है। मानव की जिज्ञासाओं और उत्सुकता की भूख इस रास्ते पर चल कर पूरी होती है। यह रास्ता हमें जीवन की ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहानी के जरिये विद्यार्थियों को खुद पर ध्यान देने और मिलकर सीखने का संदेश देते हुए कहा कि कुदरत ने सभी को प्रतिभावान बनाया है। इस प्रतिभा की पहचान करना व उसे निखारना हम सबकी जिम्मेदारी है। अध्यापक इसके लिए काम करते हैं, लेकिन जो विद्यार्थी अपनी प्रतिभा की पहचान करके अपने लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं और उस दिशा में कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थीकाल जीवन का स्वर्णयुग है। इस दौरान की गई मेहनत पूरे जीवन की आधारशिला का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दिनों में अनेक प्रकार के प्रलोभन हमारा रास्ता रोकने की कोशिश करते हैं। जो विद्यार्थी दृढ़ता के साथ प्रलोभनों के चक्कर में नहीं पड़ते, वे सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को पर्याप्त मार्गदर्शन व अवसर नहीं मिल पाने के कारण भी वे पिछड़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को घर में पढऩे की जगह निर्धारित करने और योजना बनाकर परीक्षाओं की तैयारी में जुटने का संदेश दिया।




उन्होंने कहा कि परीक्षाएं शिक्षण का अभिन्न अंग हैं। मूल्यांकन की व्यापक प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अपनी प्रगति का पता लगता है। इसी प्रकार लिखित परीक्षाएं विद्यार्थियों के आगे बढऩे में निर्णायक की भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों का रवैया सकारात्मक और स्पर्धी होना चाहिए। परीक्षा की तैयारी के लिए योजना और प्रबंधन की जरूरत है। जो विद्यार्थी योजना बनाकर अपने काम में जुटते हैं और योजना के अनुरूप कार्य की गति और स्थिति को जांचते रहते हैं, उनकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी करते हुए सभी विषयों पर संतुलित ध्यान दें। किसी विषय पर अधिक ध्यान देना और किसी विषय को नजऱंदाज़ कर देना सफलता के मार्ग की बाधा बन सकता है। तैयारी के दौरान अपनी खूबियों और कमजोरियों को चिह्नित करना जरूरी है। किसी विषय के किसी हिस्से में कमजोर होने पर विद्यार्थियों को अध्यापकों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए। अरुण कैहरबा ने कहा कि परीक्षा से पूर्व और दौरान अच्छा स्वास्थ्य निहायत ज़रूरी है। बिमारी की अवस्था में समय और धन खराब होगा। पढ़ाई पर ध्यान नहीं रह पाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छा भोजन, शुद्ध पानी स्वास्थ्य की पूर्व शर्त है। अत: आजकल घर का बना सादा एवं पौष्टिक भोजन ही लें। 
स्कूल चेयरमैन सदासुख कांबोज ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य उनके अपने हाथ में है। समय की कद्र करते हुए निरंतर पढऩा और समझे गए पाठों का नियमित रूप से अभ्यास करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता व गुरूजनों का आदर करने और उनकी भावनाओं को समझ कर कदम उठाने का भी संदेश दिया। इस मौके पर नीलम कांबोज ने भी विद्यार्थियों को संदेश दिया।