Tuesday, September 8, 2026

LITERACY DAY CELEBRATED IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

 साक्षरता की पूंजी से समृद्ध होता समाज: राम कुमार

स्वैच्छिक भावना पर आधारित है साक्षरता कार्यक्रम: अरुण 

अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर नव साक्षरों व स्वयंसेवी शिक्षकों को किया सम्मानित

इन्द्री, 8 सितंबर

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नव साक्षरों को प्रमाण-पत्र एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की एवं संचालन उल्लास कार्यक्रम के स्कूल प्रभारी एवं हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम का संयोजन उल्लास कार्यक्रम के पर्येक्षक नरेश कुमार मीत व विजय कुमार ने किया। 


प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि शिक्षा एवं साक्षरता ऐसी पूंजी है, जिससे कोई भी व्यक्ति एवं समाज आगे बढ़ता है। जो व्यक्ति साक्षरता व शिक्षा से किन्हीं कारणों से वंचित रह गए हैं, उन्हें साक्षर बनाना सबसे बड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कार्य करने का मौका मिल रहा है। यह विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक नया अवसर है। प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि वर्ष 2022 में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसे आम तौर पर उल्लास के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम स्वैच्छिक भावना पर आधारित है। स्वैच्छिक भावना मन में आने पर हम साक्षरता में अपनी जिम्मेदारी को पहचानते हैं और अपने परिवार व आस-पास के लोगों को साक्षर बनाने का जिम्मा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में बच्चे अपने बड़ों के नजदीक आते हैं और उन्हें पढऩा-लिखना सिखाते हुए भी कईं बातें सीखते हैं। इस तरह से सीखने-सिखाने का सिलसिला आगे बढ़ता है। 

पर्यवेक्षक नरेश मीत व विजय कुमार ने बताया कि इस समय नए निरक्षर लोगों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। विद्यार्थी अपने आसपास के निरक्षर लोगों को पढ़ाने का जिम्मा लें। जो नए व्यक्ति पढऩा सीखे हैं, वे अपने आसपास के निरक्षरों का पंजीकरण करवाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि उल्लास की आगामी परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित की जाएगी। पढऩा लिखना सीख रहे व्यस्कों ने स्वयंसेवी शिक्षकों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर प्राध्यापक बलविन्द्र सिंह, विनीत सैनी, सोमपाल, अनित पाल, मुस्कान, माही, अखिल सहित स्वयंसेवी शिक्षक व नव साक्षर मौजूद रहे।


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