आगे बढऩे के लिए भाषा को निखारें-संवारें: अरुण कैहरबा
भाषा कार्यशाला में विद्यार्थियों को करवाया अभ्यास
वर्तनी प्रतियोगिता में खुशप्रीत व सीमा ने पहला तथा सोनाक्षी व वेदिका ने पाया दूसरा स्थान
इन्द्री, 18 अप्रैल
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए भाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस मौके पर एक हिन्दी वर्तनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में खुशप्रीत व सीमा ने पहला, सोनाक्षी व वेदिका ने दूसरा, गुंजन ने तीसरा तथा राधिका व अंजलि ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। अरुण कैहरबा ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यार्थियों की त्रुटि में सुधार करवाते हुए अभ्यास करवाया गया।
अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि भाषा बिना सब सून है। हमारे सोचने, समझने, सुनने, बात कहने और ज्ञान का आधार भाषा ही है। विद्यार्थियों के सभी विषय भाषा के माध्यम से ही समझे और समझाए जाते हैं। यदि हम आगे बढऩा चाहते हैं तो हमें अपनी भाषा को निखारना और संवारना चाहिए। भाषा का शृंगार करने पर ही जीवन का शृंगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाषा व संचार के बिना हम समाज व उन्नति की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि भाषा के चार बुनियादी कौशल हैं-सुनना, बोलना, पढऩा और लिखना। जो विद्यार्थी अच्छे श्रोता होते हैं, वे अच्छे वक्ता बनते हैं। जो अच्छे पाठक होते हैं, वे ही अच्छे लेखक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को अपने घर में पढऩे की जगह विकसित करनी चाहिए और वहां पर बैठ कर पढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा भारत ही नहीं दुनिया की सबसे ज्यादा प्रयोग में लाई जाने वाली भाषा है। हिन्दी भाषा में उत्कृष्टता अन्य विषयों में अच्छे प्रदर्शन की गारंटी है। उन्होंने कहा कि भाषा में निखार अपने आप नहीं आता है। इसके लिए सचेत प्रयास करने पड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समाचार-पत्र, सिलेबस के अलावा पुस्तकालय से किताबें लेकर पढऩे के लिए प्रेरित किया।

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