Friday, November 14, 2025

BAAL DIVAS IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

 बच्चे देश का भविष्य, मेहनत का लें संकल्प: राम कुमार सैनी

विद्यार्थियों ने बाल दिवस पर खेलों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लिया हिस्सा



इन्द्री, 14 नवंबर 

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने खेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपनी कक्षाओं में सफाई अभियान चलाया और साज-सज्जा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन देश भर में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। जिस देश के बच्चे सच्चे, ईमानदार व संस्कारवान होंगे, उस देश को आगे बढऩे से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी बच्चों को मेहनत व अनुशासन का संकल्प लेना चाहिए।



हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू एक महान स्वतंत्रता सेनानी थी। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजी हुकूमत ने कईं बार जेल की सजाएं दी। उनकी उम्र के करीब नौ साल जेलों में बीते। देश की आजादी के साथ अंग्रेजों ने देश को दो टुकड़ों में बांट दिया था। साम्प्रदायिकता, भूख, गरीबी, बेरोजगारी सहित अनेक प्रकार की चुनौतियां देश के सामने थी। जवाहर लाल नेहरू ने उन सभी चुनौतियों से जूझते हुए देश को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। 


प्रधानाचार्य सैनी, प्राध्यापक सुभाष भारती, बलविन्द्र सिंह, विनोद भारतीय, नरेश मीत, रमन बगा, अश्वनी कांबोज आदि ने विद्यार्थियों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया। स्कूल की एक कक्षा में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने वाले महक, जैसमीन, सृष्टि, अनित पाल, रूबी, ज्योति, राधिका, रीतिका, शिवानी, लविश, अरमान, राहुल, समीर, राहुल, साहिबा, अरमी, रीतू, वंश, पारस, जतिन, लक्की, हिमांशू सहित अनेक बच्चों को प्रधानाचार्य ने कलम देकर सम्मानित किया। 





















BLOCK LEVEL TALENT SEARCH IN INDRI (KARNAL)

 लोक गायन में पीएम श्री स्कूल इन्द्री के जशनदीप ने पाया पहला स्थान

शास्त्रीय गायन में कन्या स्कूल इन्द्री की छात्रा जैनिफ ने मारी बाजी

खंड स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बांधा समां

इन्द्री, 14 नवंबर
स्थानीय पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समग्र शिक्षा के तत्वावधान में खंड स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा छह से आठ और नौ से बारह वर्ग में शास्त्रीय एवं लोक गायन, एकल एवं समूह नृत्य, थियेटर, दृश्य कला 2-डी, 3-डी की स्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान बीआरपी रविन्द्र शिल्पी, प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व सोनिया ने निर्णायक मंडल के सदस्यों की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संयोजन एबीआरसी रजत शर्मा व डॉ. बारू राम ने किया। मंच संचालन एबीआरसी निशा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत अध्यापक संजीव कुमार, आशा रानी, बीआरपी धर्मेन्द्र सिंह, एबीआरसी नीतू कांबोज, सविता देवी, रीना रानी, मोनिका, जसविन्द्र ने योगदान किया।

कक्षा छह से आठ वर्ग में आयोजित लोक नृत्य में पीएम श्री राजकीय स्कूल इन्द्री के विद्यार्थी नितिन और शास्त्रीय नृत्य में राजकीय कन्या स्कूल की छात्रा खुशी ने पहला स्थान प्राप्त किया। लोक नृत्य में भादसों स्थित राजकीय स्कूल की अवनि और खेड़ी मान सिंह स्कूल की आरती की प्रस्तुतियों को क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान के लिए चुना गया। लोक गायन में पीएम श्री स्कूल के जशनदीप और शास्त्रीय गायन में कन्या स्कूल इन्द्री की जैनिफ ने पहला स्थान प्राप्त किया। लोक गायान में खेड़ीमान सिंह के राजकीय स्कूल की रिया द्वितीय व भादसों के सरकारी स्कूल की छात्रा कुंजन को तृतीय रही। दृश्य कला-2-डी में भादसों स्थित राजकीय स्कूल की छात्रा तमन्ना ने पहला, जनसेरों स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूल के अर्जुन ने दूसरा और पीएम श्री स्कूल इन्द्री के वरुण ने तीसरा स्थान पाया। वहीं दृश्य कला 3-डी में भादसों की आयशा ने पहला स्थान पाया। थियेटर में पीएम श्री स्कूल इन्द्री के छात्रा वंश को प्रथम स्थान के लिए चुना गया।

हरियाणवी लोक नृत्य में पीएम श्री स्कूल और लोक गायन में कन्या स्कूल की टीम रही प्रथम-

कक्षा नौ से बारह वर्ग में हरियाणवी लोक नृत्य में पीएम श्री राजकीय स्कूल इन्द्री की टीम के हरमन, अंकित, कंवलजीत, मोहित, उमंग, नीरज, अतुल व पुनीत की टीम ने पहला स्थान पाया। राजकीय कन्या स्कूल इन्द्री की टीम ने दूसरा और भादसों स्कूल की टीम को तीसरा स्थान मिला। हरियाणवी लोक गायन में राजकीय कन्या स्कूल की टीम-अंजलि, मुस्कान, काजल, नैंसी, अनु, बिंदू, आरजू, निधि, सिमरण ने पहला स्थान प्राप्त किया। खेड़ीमान सिंह स्कूल की टीम दूसरे स्थान पर रही।

व्यक्तित्व को निखारने में अहम भूमिका निभाती हैं कलाएं: अरुण कैहरबा

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि कलाएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने में अहम भूमिका निभाती हैं। कलात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले बच्चे ज्यादा संवेदनशील व सहयोगी होती हैं। इनके द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय, सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जीतने की स्पर्धा की बजाय सीखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। कलाओं में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करते हुए अपनी कलाओं को निखारने का काम करना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक एवं एबीआरसी रजत शर्मा ने कहा कि खंड स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी जिला स्तर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने आए सभी को आभार ज्ञापन किया। इस मौके पर प्राध्यापिका सीमा, कैलाश चंद, सिमरजीत कौर, रजनी, सुमन कांतवाल, बलविन्द्र सिंह सहित अनेक अध्यापक मौजूद रहे।






Friday, November 7, 2025

VANDE MATRAM RASHTRIYA GEET 150TH ANNIVERSARY IN GMSSSS BIANA

 'वंदे मतरम' ने आजादी की चेतना फैलाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका: अरुण कैहरबा

राष्ट्रीय गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित

इन्द्री, 7 नवंबर

गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों व अध्यापकों ने मिलकर राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से गान किया। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रीय गीत की भूमिका पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य रामकुमार सैनी ने की।


मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी प्रध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि बंकिम चन्द्र चटर्जी भारतीय साहित्य के बेहद महत्वपूर्ण साहित्यकार हैं। उनके 'आनंद मठ' नाम के उपन्यास में राष्ट्रीय गीत संकलित है। वंदे मातरम की रचना आज ही के लिए 7 नवंबर, 1875 में हुई मानी जाती है। इस गीत के लिखने के पीछे एक रोचक कहानी है। बताता जाता है कि अंग्रेजी शासकों ने इंग्लैंड की महारानी के सम्मान में लिखे गए एक गीत को प्रत्येक समारोह में गाना अनिवार्य कर दिया था। इससे भारत के लोग बेहद आहत हुए। इसके जवाब में बंकिम चन्द्र चटर्जी ने भारत देश की शान में यह अमर कृति लिखी। आनंद मठ 1882 में प्रकाशित हुआ, जिसमें इस गीत का भी प्रयोग किया गया है। आनंद मठ और राष्ट्रीय गीत दोनों देश भक्ति की भावना और स्वतंत्रता की चेतना से ओतप्रोत हैं । आनंद मठ के प्रकाशन से अंग्रेजी शासन घबरा गया था। अंग्रेजों ने इस पर पाबंदी लगा दी थी। देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय गीत हर आजादी के मतवाले की जुबान पर था।

प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन के नारों और गीतों की महत्ता को समझना चाहिए। वंदे मातरम की चेतना को अपनाकर ही हम देश की तरक्की और विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षा अध्यापक रमन बग्गा ने किया। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. सुभाष भारती, सतीश राणा, बलविंद्र सिंह, विनोद भारतीय, सीमा गोयल, संजीव कुमार, बलराज कांबोज, राजेश सैनी, सलिन्द्र मंढाण, विनोद आचार्य, दिनेश कुमार, मुकेश खंडवाल, अनिल पाल, नरिन्द्र कुमार, विवेक शर्मा, नरेश मीत, अश्वनी कांबोज, बलिन्द्र कुमार, सोमपाल मौजूद रहे।





Thursday, November 6, 2025

DISTT. LEVEL SUNO KAHANI COMPETITION ON SH. GURU TEGH BAHADUR JI

 प्रेरणादायक है गुरु तेग बहादुर जी का जीवन व विचार: ज्योत्सना मिश्रा

350वें शहीदी दिवस पर जिला स्तरीय सुनो कहानी प्रतियोगिता आयोजित

हिन्दी में सिमरण, अंग्रेजी में काकुल और पंजाबी में मेहर सिंह ने पाया पहला स्थान

करनाल, 6 नवम्बर
करनाल पुराने बस अड्डे के पीछे स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर जिला स्तरीय सुनो कहानी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ज्योत्सना मिश्रा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन जिला गणित विशेषज्ञ सुमित मान ने किया। विभिन्न भाषा की प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, सुनीता राणा, अंग्रेजी प्राध्यापक सुरेश कौशिक, यशदीप, पंजाबी  प्राध्यापक गुरनाम सिंह, सरबजीत कौर शामिल रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में एबीआरसी पूजा गर्ग, अनुराधा, डिंपल ने भूमिका निभाई।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ज्योत्सना मिश्रा ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और विचार पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वे एक आध्यात्मिक विद्वान, कवि और योद्धा थे। जिन्हें हिन्द की चादर कहा जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भाषण व कहानी सुनाने के कौशलों को समझने का संदेश देते हुए कहा कि भाषण देने और कहानी सुनाने में अंतर होता है। कहानी सुनाते हुए विद्यार्थी रोचकता, भाषा की शुद्धता और उतार-चढ़ाव का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने अध्यापकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यह रहे परिणाम-
सुनो कहानी प्रतियोगिता के हिन्दी भाषा वर्ग में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल घरौंडा की छात्रा सिमरण ने पहला और कतलाहड़ी के राजकीय स्कूल की छात्रा अंशुल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौरा की छात्रा काकुल ने पहला और रंबा स्कूल की छात्रा तमन्ना ने दूसरा स्थान पाया। पंजाबी में रंबा स्कूल के मेहर सिंह ने पहला और असंध के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी गुरबख्शी ने दूसरा स्थान पाया। कार्यक्रम संयोजक सुमित मान ने बताया कि जिला स्तर पर स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी राज्य स्तर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए तैयारी करते रहने का संदेश दिया।






Tuesday, November 4, 2025

GURU TEGH BAHADUR SHAHIDI DIVAS / BLOCK LEVEL COMPETITION AT INDRI (KARNAL)

ईशा, खुशबू, सरजीत सिंह ने सुनो कहानी में पाया पहला स्थान

रोनक, तनिशा, नैंसी व तमन्ना निबंध लेखन में रहे प्रथम

गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर खंड स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन

इन्द्री, 4 नवंबर
स्थानीय खंड शिक्षा कार्यालय के सभागार में खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी के मार्गदर्शन में नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निबंध लेखन व सुनो कहानी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में खंड के विभिन्न स्कूलों के कईं विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। नोडल अधिकारी के रूप में प्रधानाचार्या वीना गुप्ता व हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कार्यक्रम का संयोजन किया। निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में विभिन्न भाषाओं की प्रतियोगिताओं में हिन्दी प्राध्यापक डॉ. सुरेन्द्र कुमार, प्रवेश कुमार, अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी व सूबे सिंह, पंजाबी प्राध्यापिका स्वर्णजीत शर्मा व अमनदीप कौर तथा संस्कृत प्राध्यापक सुशील कुमार ने भूमिका निभाई।
कहानी वाचन प्रतियोगिता में हिन्दी भाषा की प्रतियोगिता में भौजी खालसा के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा इशा, अंग्रेजी में खेड़ीमान सिंह स्कूल की खुशबू, पंजाबी में खानपुर के 11वीं कॉमर्स के विद्यार्थी सरजीत सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता के हिन्दी भाषा में नगला रोड़ान स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा रोनक ने पहला स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी में भादसों स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा तनिशा, पंजाबी में खेड़ीमान सिंह स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा नैंसी और संस्कृत में राजकीय कन्या स्कूल इन्द्री की 11वीं कॉमर्स की छात्रा तमन्ना ने पहला स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं में गुरु तेग बहादुर के जीवन व विचारों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतियोगिता के समापन पर खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपाल ने विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया और कहा कि विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों को सीखने का मौका मिलता है। विजेता हुए विद्यार्थी जिला स्तर पर हिस्सा लेंगे। वीना गुप्ता व अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थी अपने अध्यापकों से मार्गदर्शन प्राप्त करके मेहनत करें। इस मौके पर प्रधानाचार्य रणबीर सिंह, अशोक सैनी, सुरेन्द्र कुमार, जितेन्द्र भाटिया व अरुण शर्मा मौजूद रहे।