Tuesday, December 23, 2025

SOMNATH & KAMLESH SHAHIDI DIVAS IN GMSSSS BIANA (KARNAL)

 डबवाली अग्रिकांड में बच्चों को बचाते हुए शहीद हुए थे सोमनाथ व कमलेश

ब्याना के मॉडल संस्कृति स्कूल में शहीदों को किया याद

इन्द्री, 23 दिसंबर
गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डबवाली अग्रिकांड के शहीद एवं डबवाली के तत्कालीन एसडीएम सोमनाथ और उनकी पत्नी कमलेश के शहीदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सोमनाथ एवं कमलेश के साथ ही डबवाली अग्रिकांड में जान गंवाने वाले सभी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुभाष भारती, राजेश कुमार, रमन बग्गा, नरेश मीत, अश्वनी कांबोज, सोमपाल, संगीता, मीना सहित अनेक अध्यापकों ने शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि सोमनाथ जी इन्द्री के गांव खेड़ा से थे। वे इन्द्री क्षेत्र के पहले एचसीएस अधिकारी बने। 23 दिसंबर, 1995 में सिरसा जिला के डबवाली कस्बे में एक स्कूल का समारोह था। कार्यक्रम स्थल में आने-जाने के लिए छोटा सा दरवाजा था। चारों तरफ ऊंची-ऊंची दीवारें थीं। बिजली की शोर्ट-सर्किंटिंग के कारण अचानक आग लग जाती है, जोकि फैलते-फैलते भयावह रूप धारण कर लेती है। समारोह में डबवाली के एसडीएम के रूप में सोमनाथ जी अपनी पत्नी सहित हिस्सा ले रहे थे। वे अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने की बजाय बच्चों की जान बचाने का रास्ता अपनाते हैं। बच्चों को बचाते हुए सोमनाथ और कमलेश दोनों की मृत्यु हो जाती है। सरकार ने दोनों को शहीद का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ जी का जन्म 8 मार्च, 1955 को गांव खेड़ा में हुआ था। आर्थिक अभावों के बावजूद पढऩे की उनकी लगन सभी के लिए प्रेरणादायी है। अरुण कैहरबा ने कहा कि वे रात को मिट्टी के तेल का दीया जलाकर पढ़ते थे। रात-रात भर उन्हें पढ़ता देखकर माँ इमरती देवी उन्हें कहती थी कि बेटा सो जा आँखें खराब हो जाएंगी। तब सोमनाथ जी कहते थे- माँ पढऩे से आँखें खराब नहीं होती। ज्ञान की रोशनी मिलती है। सोमनाथ जी ने आजीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, जनपक्षधरता आदि मूल्यों के लिए काम किया। डॉ. सुभाष भारती ने विद्यार्थियों को बाल विवाह के विरोध में शपथ दिलाई।



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