Sunday, March 8, 2026

LANGUAGE & COMMUNICATION SKILLS DEVELOPMENT WORKSHOP IN PM SHRI JAWAHAR NAVODYA VIDYALYA NIWARSI (KURUKSHETRA)

 भाषा के बुनियादी कौशलों की जानकारी प्राप्त करते हुए अभ्यास करें विद्यार्थी: डॉ. फुलिया

भाषा एवं संचार कौशल विकास कार्यशाला आयोजित

डॉ. रणजीत, अरुण कैहरबा व राजेश सैनी ने विद्यार्थियों को कराया अभ्यास

कुरुक्षेत्र/लाडवा, 8 मार्च

गांव निवारसी स्थित कुरुक्षेत्र जिला के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में महिला दिवस के अवसर पर भाषा एवं संचार कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रसिद्ध मोटिवेटर एवं शिक्षाविद डॉ. रणजीत फुलिया, हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी ने स्रोत व्यक्ति के रूप में भाषा के विविध पक्षों की जानकारी देते हुए अभ्यास करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन उप प्रधानााचार्य हरिकृष्ण ने किया। कार्यशाला में सक्रिय हिस्सेदारी करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।



कार्यक्रम की शुरूआत में विद्यालय की महिला शिक्षिकाओं को मुख्य अतिथि रणजीत फुलिया ने सम्मानित किया। डॉ. रणजीत फुलिया ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी में अपना परिचय देने का अभ्यास करवाया। उन्होंने अंग्रेजी के संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, उत्तम पुरूष, मध्यम पुरूष एवं अन्य पुरूष के बारे में विद्यार्थियों से सवाल करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भाषा के बुनियादी नियमों की ना केवल जानकारी हासिल करनी चाहिए, बल्कि साथ ही अभ्यास भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ एयर इंडिया में काम करने का मौका मिला है। जवाहर नवोदय विद्यालय उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में स्थापित किए गए।


हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कार्यशाला की शुरूआत विश्वास गीत के साथ करते हुए कहा कि महिला दिवस महिलाओं की समानता, समान भागीदारी, सम्मान व गरिमा को समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम भाषा को देखते हैं तो कितने ही ऐसे शब्द व गालियां लोगों की बोलचाल का हिस्सा बन गई हैं, जिनसे महिलाओं के सम्मान को ठेस लगती है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें भाषा को गाली व अपशब्दों से मुक्त बनाने का संकल्प करना चाहिए।


अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी ने कहा कि वाक्य भाषा की सबसे अर्थपूर्ण इकाई है। वाक्य की संरचना की तरफ हमें ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कर्ता, कर्म व क्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए वाक्य बनाने का अभ्यास करवाते हुए कहा कि अंग्रेजी बोलना सीखने के लिए हमें बोलने का संकोच छोडऩा होगा। जो विद्यार्थी बोलने का अभ्यास करते हैं, वे जल्दी भाषा सीखते हैं। उप प्रधानााचार्य एवं अंग्रेजी के विशेषज्ञ हरिकृष्ण ने विद्यार्थियों को आम बोलचाल के उदाहरणों के माध्यम से रोचक तरीके से उत्तम पुरूष, मध्यम पुरूष और अन्य पुरूष की पहचान करवाई। उन्होंने आए अतिथियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।


आत्मविश्वास से लबरेज नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अरमान, परमीत सिंह, सरगुन, पलक, हरमन, मानवी, तमन्ना सहित विभिन्न विद्यार्थियों ने अपना परिचय देते हुए कार्यशाला को भाषा सीखने का शानदार मंच बताया। कार्यक्रम के आयोजन में अध्यापिका तृप्ता, गुजराती शिक्षिक भावेश, वेदपाल का योगदान रहा।